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20 जुलाई को ब्लैक डे के रूप में याद रखा जाएगा -अखिलेश माही

दीवानी न्यायालय के बाहर अधिवक्ताओं ने छात्रों के समर्थन में प्रधानमंत्री मोदी का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Friday, July 24, 2026

रायबरेली ब्यूरो।। नीट पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली में चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर 20 जुलाई को पुलिस द्वारा छात्रों पर किए गए लाठी चार्ज को लेकर अब आक्रोश बढ़ता जा रहा है, रायबरेली के अधिवक्ताओं ने भी इसकी घोर निन्दा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंक कर अपना विरोध दर्ज कराया | दीवानी न्यायालय के बाहर दर्जनों अधिवक्ताओं ने एक जुट होकर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ जम कर नारेबाजी और प्रधानमंत्री का पुतला जलाया | अधिवक्ता अखिलेश माही ने कहा कि 20 जुलाई का दिन स्वतंत्र भारत में एक ब्लैक डे (काले दिवस) के रूप में याद रखा जाएगा क्योंकि इस दिन मोदी सरकार की पुलिस ने मासूम बच्चों पर ना केवल लाठी चार्ज करके उनके हाँथ पैर तोड़ दिए बल्कि बेटियों के साथ भी अभद्रता करके पूरे वैश्विक पटल पर पूरे देश को शर्मसार किया है,

यह छात्र हमारे आपके घरों के हैं हमारे ही भाई बहन बच्चे है अगर इनके साथ आज नहीं खड़े होंगे तो हमारी आने वाली पीढ़ी हमें माफ नहीं करेगी | अधिवक्ता राहुल निर्मल ने कहा कि हम अधिवक्ताओं की जिम्मेदारी सिर्फ न्यायालय तक ही सीमित नहीं है, लोकतंत्र की रक्षा के लिए पीड़ित,शोषित और कमजोर के साथ खड़े रहना भी हमारी जिम्मेदारी है और हमने तानाशाही सरकार का विरोध करके इसी नैतिक जिम्मेदारी को निभाया है | अधिवक्ता अतुल कुमार इंद्रा ने कहा कि जनता जागरूक हो चुकी है और सरकार की तानाशाही अब ज्यादा दिन नहीं चलेगी | इस अवसर पर एडवोकेट विश्वास दुबे, मृत्युंजय तिवारी, अतुल यादव, विवेक सोनकर, एजाज हमद, आशीष यादव, सनोज यादव, सुरेन्द्र यादव, जयकिशन , आदर्श यादव आदि तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे |

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