दहेज के लिए विवाहिता को खंभे से बांधकर पीटा, सोने के जेवर लूटे - UP : बीजेपी में संगठनात्मक फेरबदल, महिलाओं को बड़ा मौका देने की तैयारी में BJP, 33% भागीदारी का लक्ष्य - Malviya Nagar Fire: दिल्ली के रेस्टोरेंट अग्निकांड में 21 की मौत, PM Modi और CM ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान - Khan Sir Coaching Incident: पुलिस बोली- यह मारपीट का मामला, CCTV में फायरिंग का कोई सबूत नहीं! - CBSE : UPI, Net Banking से भी पेमेंट, बोर्ड ने दूर किया भ्रम, छात्रों को राहतदहेज के लिए विवाहिता को खंभे से बांधकर पीटा, सोने के जेवर लूटे - UP : बीजेपी में संगठनात्मक फेरबदल, महिलाओं को बड़ा मौका देने की तैयारी में BJP, 33% भागीदारी का लक्ष्य - Malviya Nagar Fire: दिल्ली के रेस्टोरेंट अग्निकांड में 21 की मौत, PM Modi और CM ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान - Khan Sir Coaching Incident: पुलिस बोली- यह मारपीट का मामला, CCTV में फायरिंग का कोई सबूत नहीं! - CBSE : UPI, Net Banking से भी पेमेंट, बोर्ड ने दूर किया भ्रम, छात्रों को राहत

UP : बीजेपी में संगठनात्मक फेरबदल, महिलाओं को बड़ा मौका देने की तैयारी में BJP, 33% भागीदारी का लक्ष्य

बीजेपी प्रदेश में महिलाओं को बड़ा मौका देने की तैयारी में है. राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के विमर्श के बीच चुनावी तैयारी में जुटी बीजेपी इसकी शुरुआत अपने घर से कर सकती है

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Wednesday, June 3, 2026

उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी में बड़े फेरबदल की उम्मीद जताई जा रही है. बीजेपी प्रदेश में महिलाओं को बड़ा मौका देने की तैयारी में जुट गई है. राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के विमर्श के बीच चुनावी तैयारी में जुटी बीजेपी इसकी शुरुआत अपने घर से कर सकती है. यूपी इकाई में उपाध्यक्ष, महामंत्री व मंत्री पदों पर महिलाओं की संख्या बढ़ाने की चर्चा तेज है.

वर्तमान टीम में कार्यरत 11 में से आधी महिला पदाधिकारियों की जगह नए चेहरों को जगह दी जाएगी. इस बहाने बीजेपी जहां नए तेवर के साथ संगठन की चुनावी धार बढ़ाएगी, वहीं महिलाओं को मौका देकर दूसरे दलों को भी संदेश देने की कोशिश करेगी. उत्तर प्रदेश की इकाई में महिलाओं की संख्या तीन से चार तक की जाएगी.

नए चेहरों को संगठन में मिल सकता है मौका

वर्तमान टीम में कार्यरत 45 पदाधिकारियों में 11 महिलाएं हैं. इस बार महिलाओं की भागीदारी बढ़ने जा रही है. वहीं कई महिलाओं के संगठन से बाहर होने के भी कयास लगाए जा रहे हैं. साथ ही नए चेहरों को संगठन में प्रमुखता दी जाएगी. आगामी चुनावों को देखते हुए समीकरण साधने का प्रयास

इस बार चुनावी साल को देखते हुए गठित होने वाले प्रदेश संगठन का महत्व कहीं ज्यादा है. इसी संगठन की देखरेख में पार्टी आगामी विधानसभा, निकाय और पंचायत चुनाव लड़ेगी. ऐसे में हर समीकरण को साधने का प्रयास किया जा रहा है. उत्तर प्रदेश के संगठन को लेकर बीजेपी के राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व के बीच कई बार बैठक की जा चुकी हैं.

जून के पहले हफ्ते में प्रदेश इकाई, छह क्षेत्रीय अध्यक्ष तथा निगमों, आयोगों और बोर्ड के पदाधिकारियों की घोषणा की जाएगी. सदन में एक तिहाई भागीदारी देने के वातावरण के बीच महिलाओं के लिए राजनीतिक जमीन तैयार करने का राग छेड़ने वाली बीजेपी पर अब उन्हें संगठन में भी वरीयता देने का दबाव है.भूपेंद्र चौधरी के नेतृत्व में थीं 11 महिलाएंपिछले प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी के नेतृत्व वाली प्रदेश टीम में 45 पदों में 11 पर महिलाएं काबिज थीं. इस प्रकार उनकी भागीदारी 24 प्रतिशत थी. इस बार यह आंकड़ा 33 प्रतिशत तक पहुंचाने तक कोशिश की जा रही है. साथ ही पुराने व दस साल से ज्यादा समय से संगठन में कार्यरत पदाधिकारियों को बदलने की चर्चा है.

दो पदाधिकारियों को उपाध्यक्ष से लेकर महामंत्री तक कोई भूमिका दी जा सकती है. प्रदेश इकाई ने ऐसी लगभग 12 महिलाओं की सूची बनाई है, जिनके पास चुनाव और संगठन का अनुभव है. पार्टी पढ़ी-लिखी व कुशल महिला वक्ताओं को आगे बढ़ाने के प्रयास कर रही है. पिछले दिनों नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम लोकसभा में गिरने के बाद बीजेपी ने महिलाओं के नेतृत्व में प्रदेशभर में जन आक्रोश अभियान चलाया था.

कई बड़े पदाधिकारियों की बदलेगी भूमिका

मौजूदा प्रदेश इकाई के 18 उपाध्यक्षों में राज्यसभा की पूर्व सदस्य मेरठ निवासी कांता कर्दम लंबे समय से संगठन में कार्यरत हैं. आजमगढ़ की नीलम सोनकर भी लालगंज सुरक्षित सीट से सांसद रही हैं. दोनों की भूमिका में बदलाव होने की संभावना है. गाजियाबाद की सुनीता दयाल महापौर है, जबकि कानपुर की कमलावती सिंह महिला कल्याण निगम की अध्यक्ष हैं. ऐसे में दोनों का बदला जाना भी तय माना जा रहा है.

सात महामंत्रियों में पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत हैं, जिन्हे पार्टी संगठन से मुक्त कर चुनाव मैदान में उतार सकती है या फिर संगठन में उनकी भूमिका बदल सकती है. 16 प्रदेश मंत्रियों में छह महिलाएं हैं, जिनमें आगरा की अंजुला सिंह माहौर, वाराणसी की मीना चौबे, प्रयागराज की अनामिका चौधरी, मऊ की शकुंतला चौहान, लखनऊ की अर्चना मिश्रा व अलीगढ़ की पूनम बजाज का नाम शामिल है.

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले