नहीं रहीं दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर, 89 साल की उम्र में ली अंतिम सांस - खुले में फेंका जा रहा मेडिकल कचरा, स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा - CM Suvendu Adhikari का बड़ा ऐलान, West Bengal Cabinet में 35 नए मंत्री लेंगे शपथ - विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर SSB का संकल्प: "नशामुक्त समाज के निर्माण में निभाएंगे सक्रिय भूमिका" - कंधों पर जनाजा, नदी बनी मजबूरी: वायरल वीडियो ने खोली विकास की हकीकतनहीं रहीं दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर, 89 साल की उम्र में ली अंतिम सांस - खुले में फेंका जा रहा मेडिकल कचरा, स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा - CM Suvendu Adhikari का बड़ा ऐलान, West Bengal Cabinet में 35 नए मंत्री लेंगे शपथ - विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर SSB का संकल्प: "नशामुक्त समाज के निर्माण में निभाएंगे सक्रिय भूमिका" - कंधों पर जनाजा, नदी बनी मजबूरी: वायरल वीडियो ने खोली विकास की हकीकत

नहीं रहीं दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर, 89 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

अपनी सुरीली आवाज के लिए मशहूर गायिका सुमन कल्याणपुर का 89 साल की उम्र में मुंबई में निधन हो गया। नेता शरद पवार ने अपने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Monday, June 1, 2026

मशहूर प्लेबैक सिंगर सुमन कल्याणपुर का 31 मई, 2026 को 89 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने मुंबई स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली। भारतीय संगीत जगत उनके निधन पर शोक मना रहा है। उनके जाने के साथ ही सदाबहार धुनों के एक बेहतरीन युग का भी अंत हो गया है। उनकी आवाज लता मंगेशकर से इतनी मिलती-जुलती थी कि कई बार लोग दोनों की आवाज में फर्क नहीं कर पाते थे। वह पद्म भूषण से सम्मानित हैं। सोशल मीडिया पर यह दुखद खबर नेता शरद पवार ने एक इमोशनल पोस्ट के जरिए दी है।

सुमन कल्याणपुर का निधन

सुमन कल्याणपुर का बचपन में सुमन हेम्मादी नाम था। उन्होंने हिंदी, बंगाली, मराठी, असमिया, गुजराती, कन्नड़, अंगिका, भोजपुरी, राजस्थानी, उड़िया और पंजाबी सहित कई भाषाओं में फिल्मों के लिए गाने रिकॉर्ड किए हैं। अपने पिछले कई इंटरव्यू में दिवंगत गायिका ने इस बात पर जोर दिया था कि कैसे संगीत के प्रति मजबूत झुकाव होने के बावजूद, उनके परिवार ने पहले सब के सामने स्टेज पर गाने की मंजूरी नहीं दी थी। हालांकि, उन्होंने 1952 में ऑल इंडिया रेडियो के लिए गाना गया। फिर उन्होंने एक मराठी फिल्म ‘शुक्र ची चांदनी’ के लिए गाना गाया। यह 1953 में रिलीज हुई थी। उन्होंने हिंदी सिनेमा में गाना 1954 की फिल्म ‘मंगू’ से शुरू किया था।

शरद पवार ने सुमन कल्याणपुर को दी श्रद्धांजलि

नेता शरद पवार ने ‘X’ पर यह दुखद खबर दी। उन्होंने लिखा:

‘दिग्गज पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर के निधन की खबर बेहद दुखद है। अपनी मधुर, सुरीली और रूह को छू लेने वाली आवाज से उन्होंने भारतीय संगीत जगत को नई पहचान दिलाई। हिंदी, मराठी और कई अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में उनके अमर गीतों ने पीढ़ियों के दिलों पर राज किया है। उनके निधन के साथ ही भारतीय शास्त्रीय और सुगम संगीत के क्षेत्र में एक स्वर्णिम युग का समापन हो गया है। मैं उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।

सुमन कल्याणपुर ने इन फिल्मों के गानों को दी थी आवाज

सिंगर ने ‘मियां बीबी राजी’, ‘बात एक रात की’, ‘दिल एक मंदिर’, ‘दिल ही तो है’, ‘शगून’, ‘जहां आरा’, ‘सांझ और सवेरा’, ‘नूर जहां’, साथी’ और ‘पाकीजा’ जैसी फिल्मों के लिए गाने गाए। उन्होंने शंकर जयकिशन, रोशन, मदन मोहन कोहली, एस. डी. बर्मन, एन. के साथ कई हिट गाने दिए।

सुमन कल्याणपुर का अंतिम संस्कारउनके अंतिम संस्कार से जुड़ी और जानकारियों का इंतजार है। अभी तक सुमन कल्याणपुर के परिवार ने उनके अंतिम संस्कार को लेकर कोई अपडेट नहीं दी है।

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