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घायल हूं, इसलिए घातक हूं – Raghav Chadha

आतिशी का Raghav Chadha से सीधा सवाल, PM Modi के खिलाफ बोलने से क्यों डरते हैं?

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Saturday, April 4, 2026

राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटाए गए आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने नरम मुद्दों को उठाने के आरोपों के जवाब में अपने बचाव में एक और वीडियो जारी किया है। वीडियो के साथ उन्होंने एक्स पर लिखा कि मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता। उन्होंने कहा कि कल से मेरे खिलाफ एक सुनियोजित अभियान चल रहा है। वही भाषा, वही शब्द, वही आरोप। यह कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हमला है। 

आप नेता ने कहा कि पहले तो मैंने सोचा कि मुझे जवाब नहीं देना चाहिए। फिर मैंने सोचा कि अगर झूठ को सौ बार दोहराया जाए, तो शायद कुछ लोग उस पर विश्वास कर लें। इसलिए मैंने जवाब देने का फैसला किया। आम आदमी पार्टी ने तीन आरोप लगाए हैं और कहा है कि इन तीन आरोपों के कारण वे राघव चड्ढा को संसद में बोलने का मौका नहीं देंगे। पहला आरोप यह है कि जब विपक्ष संसद से वॉकआउट करता है, तो राघव चड्ढा वहीं बैठे रहते हैं। वे वॉकआउट नहीं करते। यह सरासर झूठ है। 

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दूसरा आरोप यह है कि राघव चड्ढा ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव, उन्हें हटाने की याचिका पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। यह भी एक सरासर झूठ है। आम आदमी पार्टी के किसी भी नेता ने मुझसे इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने के लिए नहीं कहा—न औपचारिक रूप से और न ही अनौपचारिक रूप से। और राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के कुल 10 सांसद हैं, जिनमें से छह या सात ने खुद इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए। तो इसमें मेरी क्या गलती है? सारा दोष मुझ पर ही क्यों मढ़ा जा रहा है?

उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मैं संसद में शोर मचाने, चिल्लाने, माइक्रोफोन तोड़ने या गाली-गलौज करने नहीं गया था। मैं वहां जनता के मुद्दों को उठाने गया था। उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी द्वारा उन्हें “डरपोक” कहना गलत है। उन्होंने कहा कि मैं संसद में चिल्लाने, तोड़फोड़ करने या गाली-गलौज करने नहीं गया हूं। मैं वहां लोगों के मुद्दे उठाने गया हूं। पंजाब के पानी से लेकर दिल्ली के प्रदूषण, महंगाई, बेरोजगारी, महिलाओं के मासिक धर्म अवकाश तक – मैंने कई मुद्दे उठाए हैं। चड्ढा ने अपने उत्तर का समापन ‘धुरंधर’ के संदर्भ से किया: “सारे झूठ जल्द ही बेनकाब हो जाएंगे; घायल हूं इसी वजह घातक हूं।”

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