सावन के प्रथम सोमवार पर शिवमय हुआ चाफ खास, हट्ठी माई मंदिर से निकली भव्य कलश यात्रा - एसपी के निर्देशन में चन्द्रपुर थाना में ग्राम कोटवारों की बैठक, सदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल देने के निर्देश - एम्स रायबरेली में 'विश्व स्तनपान सप्ताह 2026' का हुआ उद्घाटन - यूको बैंक से ₹1 करोड़ का लोन दिलाने का झांसा देकर ₹10.87 लाख की ठगी, आरोपी इंदौर से गिरफ्तार - थाना सारागांव पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता महज 05 घंटे में गुम नाबालिग बालिका को सकुशल खोजकर परिजनों को सौंपासावन के प्रथम सोमवार पर शिवमय हुआ चाफ खास, हट्ठी माई मंदिर से निकली भव्य कलश यात्रा - एसपी के निर्देशन में चन्द्रपुर थाना में ग्राम कोटवारों की बैठक, सदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल देने के निर्देश - एम्स रायबरेली में 'विश्व स्तनपान सप्ताह 2026' का हुआ उद्घाटन - यूको बैंक से ₹1 करोड़ का लोन दिलाने का झांसा देकर ₹10.87 लाख की ठगी, आरोपी इंदौर से गिरफ्तार - थाना सारागांव पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता महज 05 घंटे में गुम नाबालिग बालिका को सकुशल खोजकर परिजनों को सौंपा

बालेन शाह प्रधानमंत्री बनते ही आए एक्शन में, नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली गिरफ्तार

जांच आयोग ने तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और गृह मंत्री रमेश लेखक सहित अधिकारियों को उच्च पदों पर रहते हुए भी आंदोलन के दौरान लापरवाही बरतने के लिए अधिकतम 10 साल की कैद की सिफारिश की है.

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Saturday, March 28, 2026

केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को शनिवार सुबह पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई पिछले वर्ष हुए GEN-Z प्रोटेस्ट से जुड़े मामले में की गई है, जिसमें 77 लोगों की मौत हुई थी।

पुलिस के अनुसार, इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोपों के चलते दोनों नेताओं को हिरासत में लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, ओली को सुबह भक्तपुर के गुंडु स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया, जबकि रमेश लेखक को सूर्यविनायक क्षेत्र से तड़के करीब 5 बजे पकड़ा गया।

यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब शुक्रवार को ही बालेन शाह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है. एक दिन बाद ही यह एक्शन हो गया है. हालांकि बालेन शाह के सत्ता में आने से पहले ही उनके खिलाफ एक्शन की सिफारिश की गई थी. यह गिरफ्तारी पहले ही गृह मंत्रालय की ओर से दर्ज कराई गई औपचारिक शिकायत के बाद हुई है. इसी शिकायत के आधार पर जांच शुरू हुई और फिर अदालत से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कदम एक विशेष आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिए उठाया गया है।

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले