मथुरा।(दैनिक अयोध्या टाइम्स व्यूरो रिपोर्ट)जनपद मथुरा के थाना छाता क्षेत्र से एक अत्यंत गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें एक निजी अस्पताल के डॉक्टर पर नाबालिग बच्चे की किडनी निकालने का आरोप लगाया गया है। न्यायालय ने मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं। प्रार्थी भीम सिंह निवासी जिला झुंझुनूं, राजस्थान ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत कर बताया कि उनका लगभग डेढ़ वर्ष का पुत्र पेट में गांठ की समस्या से पीड़ित था। चिकित्सकीय परामर्श के बाद बच्चे को के.डी. हॉस्पिटल, मथुरा में भर्ती कराया गया, जहां सर्जन डॉ. श्यामबिहारी शर्मा द्वारा दिनांक 31 मार्च 2024 को ऑपरेशन किया गया।
ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने बच्चे को पूर्णतः स्वस्थ बताते हुए बड़ी गांठ निकाले जाने की जानकारी दी थी। कुछ समय पश्चात बच्चे को पुनः पेट दर्द व अन्य समस्याएं होने लगीं। विभिन्न अस्पतालों में जांच कराने पर यह तथ्य सामने आया कि बच्चे की एक किडनी नहीं है। जयपुर स्थित जे.के. लोन अस्पताल में चिकित्सकों ने भी किडनी न होने व संक्रमण की पुष्टि की। जब प्रार्थी ने इस संबंध में के.डी. हॉस्पिटल के डॉक्टर से जानकारी लेनी चाही तो संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। प्रार्थी ने आरोप लगाया कि मानव अंग तस्करी के उद्देश्य से उनके नाबालिग पुत्र की किडनी अवैध रूप से निकाल ली गई। थाना स्तर पर कोई कार्यवाही न होने पर प्रार्थी ने न्यायालय की शरण ली।
न्यायालय ने उपलब्ध प्रपत्रों व तथ्यों का अवलोकन करते हुए प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनता पाया। साथ ही यह माना कि मामले की सच्चाई विवेचना के दौरान ही सामने आ सकती है। अतः न्यायालय ने थाना छाता, जनपद मथुरा के थानाध्यक्ष को आदेशित किया है कि प्रकरण में विधि अनुसार अभियोग पंजीकृत कर विवेचना प्रारंभ की जाए तथा दो दिन के भीतर अनुपालन आख्या न्यायालय में प्रस्तुत की जाए। मामले से चिकित्सा जगत में हड़कंप मच गया है और स्थानीय स्तर पर इसकी व्यापक चर्चा हो रही है।
अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि एसएन मेडिकल कॉलेज से क्लीन चिट मिल गई है।
कोर्ट के आदेश की जानकारी नहीं है।




