जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट कार्यालयों एवं विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों का किया निरीक्षण - भाजपा हर घर तिरंगा" अभियान एवं DLP अभियान के तहत बरहा मंडल कार्यशाला हुई सम्पन्न। - विकसित भारत - जी राम जी अधिनियम, 2025 के लागू होने के पर गांधी सभागार में हुआ आयोजन। - उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने राष्ट्रपति भवन से आमंत्रण मिलने पर रेणुका गोस्वामी को दी बधाई - लोक कलाओं के संरक्षण और कलाकारों के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में संस्कृति विभाग की अभिनव पहलजिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट कार्यालयों एवं विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों का किया निरीक्षण - भाजपा हर घर तिरंगा" अभियान एवं DLP अभियान के तहत बरहा मंडल कार्यशाला हुई सम्पन्न। - विकसित भारत - जी राम जी अधिनियम, 2025 के लागू होने के पर गांधी सभागार में हुआ आयोजन। - उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने राष्ट्रपति भवन से आमंत्रण मिलने पर रेणुका गोस्वामी को दी बधाई - लोक कलाओं के संरक्षण और कलाकारों के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में संस्कृति विभाग की अभिनव पहल

भाजपा की “काला दिवस” बैठक में मंच से नदारद रहे ब्राह्मण चेहरे, चर्चाओं का बाजार गर्म

औरैया। आज 25 जून बुधवार को भारतीय जनता पार्टी द्वारा 25 जून को आपातकाल की वर्षगांठ पर आयोजित “काला दिवस” कार्यक्रम में एक ओर जहां आपातकाल के विरोध में मंच से कई नेताओं ने जोरदार वक्तव्य दिए, वहीं इस बार एक बात ने सबसे अधिक ध्यान खींचा

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Wednesday, June 25, 2025

औरैया। आज 25 जून बुधवार को भारतीय जनता पार्टी द्वारा 25 जून को आपातकाल की वर्षगांठ पर आयोजित “काला दिवस” कार्यक्रम में एक ओर जहां आपातकाल के विरोध में मंच से कई नेताओं ने जोरदार वक्तव्य दिए, वहीं इस बार एक बात ने सबसे अधिक ध्यान खींचा मंच से ब्राह्मण समुदाय के वरिष्ठ नेताओं की स्पष्ट अनुपस्थिति रही।
कार्यक्रम में जिला व मंडल स्तर के कई प्रमुख नेता मौजूद रहे और उन्होंने 1975 में लगे आपातकाल को लोकतंत्र पर आघात बताते हुए कांग्रेस की तीखी आलोचना की। कार्यक्रम के आयोजक मंडल ने भी जोरशोर से तैयारी की थी। मगर पूरे मंच पर ब्राह्मण समुदाय से जुड़ा कोई भी प्रमुख नेता नजर नहीं आया, जो कि भाजपा की पारंपरिक सवर्ण राजनीति की रीढ़ माने जाते हैं। सभा के बाद बाहर निकलते कई कार्यकर्ताओं व स्थानीय नागरिकों में इस विषय को लेकर चर्चा रही कि आखिर जान बूझकर ऐसा हुआ या फिर यह एक रणनीतिक चूक थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए पार्टी में प्रतिनिधित्व संतुलन का मुद्दा उठ सकता है। अगर यह रुझान बना रहता है तो ब्राह्मण समाज में नाराजगी की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।भाजपा के जिलाध्यक्ष या प्रवक्ता की ओर से अब तक इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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