
कुशीनगर। तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के चाफ गांव में शिव मंदिर की भूमि को लेकर विवाद गहरा गया है। मंदिर की जमीन को कथित तौर पर गांव के ही एक व्यक्ति के नाम कराए जाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने बुधवार को शांतिपूर्ण तरीके से धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि जिस भूमि पर शिव मंदिर स्थित है, वह धार्मिक स्थल से जुड़ी सार्वजनिक भूमि है, जिसे किसी निजी व्यक्ति के नाम नहीं किया जाना चाहिए।

धरना दे रहे ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा कथित रूप से फर्जीवाड़ा कर शिव मंदिर की भूमि को अपने नाम दर्ज करा लिया गया है। ग्रामीणों ने इस मामले में राजस्व अभिलेखों की जांच कराने और भूमि के वास्तविक स्वामित्व की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
मंदिर की जमीन मंदिर के नाम करने की मांग…
ग्रामीणों का कहना है कि शिव मंदिर की भूमि धार्मिक आस्था से जुड़ी हुई है। ऐसे में इस जमीन को किसी व्यक्ति के निजी नाम पर दर्ज किया जाना ग्रामीणों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित भूमि के पुराने एवं वर्तमान राजस्व अभिलेखों की जांच कराई जाए और यदि रिकॉर्ड में किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो उसे नियमानुसार दुरुस्त कराया जाए।

ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि शिव मंदिर की जमीन को पुनः शिव मंदिर के नाम दर्ज कराया जाए, ताकि भविष्य में भूमि को लेकर किसी तरह का विवाद उत्पन्न न हो।
फर्जीवाड़े की जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग..
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि भूमि को अपने नाम कराने में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज अथवा गलत प्रक्रिया का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील..
ग्रामीणों ने कहा कि उनका धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वे किसी तरह का विवाद या कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा नहीं करना चाहते। ग्रामीणों का कहना है कि वे प्रशासन के समक्ष अपनी मांग रख रहे हैं और चाहते हैं कि राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर भूमि संबंधी अभिलेखों की जांच करें।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में जल्द निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती है तो वे अपनी मांग को लेकर आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाते रहेंगे।
अब देखने वाली बात होगी कि राजस्व अभिलेखों की जांच में शिव मंदिर की भूमि को लेकर वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है और प्रशासन ग्रामीणों की शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है।
मान्धाता कुशवाहा/जिला प्रभारी/दैनिक अयोध्या टाइम्स/कुशीनगर



