बभनी पुलिस ने 20 लीटर अवैध शराब के साथ 2 अभियुक्त पकड़े - म्योरपुर साइबर टीम ने दिलवाई 23 हजार रुपये की वापसी - अनपरा पुलिस ने 4 वारंटी अभियुक्तों को दबोचा - जनसुनवाई में संवेदनशील पहल: एसपी सोनभद्र ने सुनी फरियादियों की समस्याएं - राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष 13 मार्च को सोनभद्र में करेंगी जनसुनवाईबभनी पुलिस ने 20 लीटर अवैध शराब के साथ 2 अभियुक्त पकड़े - म्योरपुर साइबर टीम ने दिलवाई 23 हजार रुपये की वापसी - अनपरा पुलिस ने 4 वारंटी अभियुक्तों को दबोचा - जनसुनवाई में संवेदनशील पहल: एसपी सोनभद्र ने सुनी फरियादियों की समस्याएं - राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष 13 मार्च को सोनभद्र में करेंगी जनसुनवाई

विजय सेतुपति, अरविंद स्वामी और अदिति राव हैदरी स्टारर ज़ी स्टूडियोज़ की गांधी टॉक्स 30 जनवरी, 2026 को होगी रिलीज़

30 जनवरी 2026 को रिलीज़ होने जा रही गांधी टॉक्स एक ऐसा सिनेमाई अनुभव बनने का वादा करती है, जो बिना कुछ कहे बहुत कुछ कह जाती है।

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Saturday, January 3, 2026

Zee Studios' Gandhi Talks starring Vijay Sethupathi, Arvind Swami and Aditi Rao Hydari will release on January 30, 2026.

आयुष गुप्ता मुंबई : ज़ी स्टूडियोज़ ने अपनी अब तक की सबसे महत्वाकांक्षी और असामान्य सिनेमाई पेशकश गांधी टॉक्स की रिलीज़ डेट का ऐलान कर दिया है। यह फिल्म 30 जनवरी, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। आधुनिक भारतीय सिनेमा में एक दुर्लभ साइलेंट फिल्म के रूप में तैयार की गई गांधी टॉक्स एक साहसिक रचनात्मक कदम है, जहाँ खामोशी ही सबसे सशक्त कहानी कहती है।

आज के दौर में जब सिनेमा को भव्यता और तेज़ आवाज़ों से परिभाषित किया जाता है, गांधी टॉक्स संयम, संवेदना और ठहराव के ज़रिए अपनी बात कहती है। फिल्म में विजय सेतुपति, अरविंद स्वामी, अदिति राव हैदरी और सिद्धार्थ जाधव जैसे दमदार कलाकार नज़र आएँगे, जिन्होंने संवादों के बिना केवल भाव और अभिनय के ज़रिए कहानी कहने की चुनौती को स्वीकार किया है।

विजय सेतुपति और अरविंद स्वामी जैसे कलाकारों का एक साइलेंट फिल्म को लीड करना उनके क्राफ्ट-ड्रिवेन सिनेमा में अटूट विश्वास को दर्शाता है। ये दोनों कलाकार हमेशा परंपराओं को चुनौती देने वाले किरदारों के लिए जाने जाते हैं, और गांधी टॉक्स में उनकी मौजूदगी फिल्म की कलात्मक विश्वसनीयता को और मज़बूत करती है। वहीं, अदिति राव हैदरी और सिद्धार्थ जाधव अपने बेहद सूक्ष्म और भावनात्मक अभिनय से कहानी को गहराई प्रदान करते हैं, जहाँ संवादों के बिना भी भावनाएँ पूरी तरह महसूस की जाती हैं।

फिल्म की सबसे खास परत है ए.आर. रहमान का संगीत, जो गांधी टॉक्स की आत्मा और आवाज़ बनकर उभरता है। संवादों की अनुपस्थिति में रहमान का बैकग्राउंड स्कोर दर्शकों को भावनात्मक यात्रा पर ले जाता है। उनका संगीत खामोशी को एक गहरे, प्रभावशाली अनुभव में बदल देता है, जो फिल्म को वैश्विक और फेस्टिवल-रेडी स्तर पर स्थापित करता है।

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले