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​सोनभद्र: जिला कारागार में लगी मासिक जेल लोक अदालत, एक मामले का हुआ निस्तारण

​सिविल जज और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने महिला बंदियों के लिए लगाया विधिक जागरूकता शिविर

EDITED BY: Ground Reporter

UPDATED: Friday, January 30, 2026

​अमान खान ब्यूरो चीफ सोनभद्र। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र के निर्देशानुसार, शुक्रवार (30 जनवरी 2026) को जिला कारागार सोनभद्र में ‘मासिक जेल लोक अदालत’ का आयोजन किया गया। इस दौरान जेल का निरीक्षण करने के साथ-साथ महिला बंदियों के लिए विशेष विधिक जागरूकता शिविर भी लगाया गया।

​यह आयोजन श्री राहुल, सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/पूर्णकालिक सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री आलोक यादव द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। निरीक्षण के समय जेलर एवं प्रभारी जेल अधीक्षक श्री अरविंद कुमार सिन्हा, उप कारापाल श्री शशांक पटेल जय प्रकाश और असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल भी उपस्थित रहे।

10 मामले किए गए थे चिन्हित, जुर्म स्वीकारोक्ति पर 02 अभियुक्तों को मिली राहत

​जेल लोक अदालत की कार्यवाही के दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री आलोक यादव ने कुल 10 मामलों को चिन्हित किया था। इनमें से एक मामले में दो अभियुक्तों ने जुर्म स्वीकार किया, जिसके आधार पर जेल लोक अदालत ने उनके मामले का मौके पर ही निस्तारण कर दिया।

​निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कारागार में निरुद्ध सिद्धदोष बंदियों से एक-एक कर उनकी अपीलों के बारे में जानकारी ली। सचिव श्री राहुल ने जेलर को कड़े निर्देश दिए कि ऐसे बंदी जो आर्थिक तंगी के कारण निजी वकील नहीं रख सकते, उनकी पहचान कर उन्हें ‘नि:शुल्क अधिवक्ता’ उपलब्ध कराने हेतु प्रार्थना पत्र संबंधित न्यायालय या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को नियमानुसार उपलब्ध कराएं।

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