सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक सामग्री के मामले में राष्ट्रपति सहित सात प्रमुख संस्थाओं को भेजा गया ज्ञापन - ऑपरेशन में देरी से गर्भ में नवजात की मौत होने का गंभीर आरोप। - जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आई0जी0आर0एस0, सीएम डैशबोर्ड कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। - लोहिया कॉर्प 23 जुलाई से निवेशकों के लिए खोलेगी ₹3,547 करोड़ का पब्लिक इश्यू - 23 जुलाई से खुलेगा इंडो एमआईएम का ₹3812 करोड़ का आईपीओसोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक सामग्री के मामले में राष्ट्रपति सहित सात प्रमुख संस्थाओं को भेजा गया ज्ञापन - ऑपरेशन में देरी से गर्भ में नवजात की मौत होने का गंभीर आरोप। - जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आई0जी0आर0एस0, सीएम डैशबोर्ड कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। - लोहिया कॉर्प 23 जुलाई से निवेशकों के लिए खोलेगी ₹3,547 करोड़ का पब्लिक इश्यू - 23 जुलाई से खुलेगा इंडो एमआईएम का ₹3812 करोड़ का आईपीओ

सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक सामग्री के मामले में राष्ट्रपति सहित सात प्रमुख संस्थाओं को भेजा गया ज्ञापन

स्पीड पोस्ट के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, राष्ट्रीय आयोगों एवं I4C को भेजा गया पत्र

EDITED BY: Ground Reporter

UPDATED: Tuesday, July 21, 2026

ब्यूरो चीफ, सोनभद्र। सूचना का अधिकार कार्यकर्ता एसोसिएशन (पंजीकृत), जनपद सोनभद्र की ओर से सोशल मीडिया पर कथित रूप से धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली सामग्री प्रसारित किए जाने के मामले में राष्ट्रपति सहित देश की सात प्रमुख संवैधानिक एवं वैधानिक संस्थाओं को स्पीड पोस्ट के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया है।

निष्पक्ष जांच एवं कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग

एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अमान खान द्वारा भेजे गए ज्ञापन में कहा गया है कि कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, यूट्यूब चैनलों एवं अन्य डिजिटल माध्यमों पर इस्लाम धर्म, पवित्र कुरआन, पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम), उम्मुल मोमिनीन हजरत आयशा (रज़ियल्लाहु अन्हा) तथा मुस्लिम समुदाय के संबंध में कथित रूप से आपत्तिजनक एवं भड़काऊ सामग्री प्रसारित की गई है। संगठन ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, उच्च स्तरीय एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा अन्य प्रासंगिक विधिक प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

सोशल मीडिया खातों की तकनीकी जांच कराने की भी मांग

ज्ञापन में संबंधित सोशल मीडिया खातों एवं डिजिटल चैनलों की तकनीकी जांच कर आवश्यकतानुसार आपत्तिजनक सामग्री हटाने, साइबर क्राइम एजेंसियों द्वारा विस्तृत जांच कराने, दोषियों की पहचान सुनिश्चित करने तथा भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी एवं स्थायी व्यवस्था लागू किए जाने की मांग की गई है।

राष्ट्रपति सहित सात प्रमुख संस्थाओं को भेजा गया ज्ञापन

एसोसिएशन की ओर से यह ज्ञापन भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तथा भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) को स्पीड पोस्ट के माध्यम से प्रेषित किया गया है। संगठन का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित संस्थाएं शीघ्र संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करें।

सामाजिक सौहार्द एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील

जिलाध्यक्ष अमान खान ने कहा कि संगठन का उद्देश्य संविधान एवं कानून के दायरे में रहते हुए सामाजिक सौहार्द, धार्मिक सद्भाव एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। उन्होंने संबंधित संस्थाओं से आग्रह किया कि मामले का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि जांच में आरोप प्रमाणित हों तो दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे समाज में शांति एवं आपसी भाईचारा कायम रहे।

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