चोपन/सोनभद्र,अमान खान ब्यूरो चीफ। जनपद में बिजली विभाग के दावों की हवा चोपन ब्लॉक के ग्राम पंचायत कोटा (वार्ड नंबर 2) के केवटान टोले में निकलती दिखाई दे रही है। यहाँ लगभग 20 से अधिक परिवारों के पास वैध घरेलू कनेक्शन तो है, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण वर्ष 2019 से आज तक बिजली लोहे के पोल के बजाय बांस-बल्ली के सहारे ही दौड़ रही है।
मौत को दावत देते लटकते तार:
स्थानीय निवासी अवधेश यादव ने बताया कि अंशु प्रजापति के घर के पास अंतिम पोल है, जहाँ से सीताराम कुशवाहा के घर तक लगभग 1 किलोमीटर की दूरी लोग बांस-बल्ली के सहारे तय करने को मजबूर हैं। स्थिति इतनी भयावह है कि कई जगहों पर तार जमीन से महज कुछ फीट ऊपर लटक रहे हैं, जो राहगीरों के सिर से टकराने लगते हैं। आए दिन तार टूटकर रास्ते में गिर जाते हैं, जिससे खासकर बारिश और गर्मी के मौसम में करंट की चपेट में आने का खतरा बना रहता है।
स्ट्रीट लाइट का भी अभाव:
ग्रामीणों का आरोप है कि गाँव के मुख्य मार्ग पर स्ट्रीट लाइट तक नहीं है, जिससे रात के अंधेरे में टूटे हुए तारों का पता नहीं चल पाता। उपभोक्ताओं का कहना है कि वे हर महीने बिजली का बिल भर रहे हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर उन्हें सिर्फ खतरा मिल रहा है। स्थानीय लोगों ने विभाग और जनप्रतिनिधियों से तत्काल खंभे लगवाने और जर्जर तारों को दुरुस्त करने की मांग की है ताकि किसी अनहोनी को टाला जा सके।






