सुभाष चौक पहुंचे नगर पालिका अध्यक्ष विनय जायसवाल, व्यापारियों और फल विक्रेताओं से संवाद कर जानी समस्याएं - मॉडर्न रेल कोच फैक्ट्री मजदूर संघ ने मनाया भारतीय मजदूर संघ का 72वां स्थापना दिवस - बीमार नाबालिग से दरिंदगी करने वाले दरिंदे को उम्रभर की कैद, तत्कालीन टीआई आशीर्वाद रहटगांवकर की सशक्त विवेचना से मिला इंसाफ - छत्तीसगढ़ के कोरबा से नई दिल्ली तक गूंजी जंगल बचाने की पुकार 21 दिनों की पदयात्रा बनी पर्यावरण संरक्षण की राष्ट्रीय आवाज - Abhijit Dipke का दावा: BJP के गुंडे कर रहे पत्थरबाजी, CJP को बदनाम करने की साजिशसुभाष चौक पहुंचे नगर पालिका अध्यक्ष विनय जायसवाल, व्यापारियों और फल विक्रेताओं से संवाद कर जानी समस्याएं - मॉडर्न रेल कोच फैक्ट्री मजदूर संघ ने मनाया भारतीय मजदूर संघ का 72वां स्थापना दिवस - बीमार नाबालिग से दरिंदगी करने वाले दरिंदे को उम्रभर की कैद, तत्कालीन टीआई आशीर्वाद रहटगांवकर की सशक्त विवेचना से मिला इंसाफ - छत्तीसगढ़ के कोरबा से नई दिल्ली तक गूंजी जंगल बचाने की पुकार 21 दिनों की पदयात्रा बनी पर्यावरण संरक्षण की राष्ट्रीय आवाज - Abhijit Dipke का दावा: BJP के गुंडे कर रहे पत्थरबाजी, CJP को बदनाम करने की साजिश

बांस-बल्ली के सहारे 1 किमी तक दौड़ रही बिजली, बड़े हादसे का इंतजार कर रहा विभाग

कोटा ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर 2 में सिर को छू रहे हैं नंगे तार, अंधेरे में डूबा केवटान टोला

EDITED BY: Ground Reporter

UPDATED: Wednesday, April 8, 2026

चोपन/सोनभद्र,अमान खान ब्यूरो चीफ। जनपद में बिजली विभाग के दावों की हवा चोपन ब्लॉक के ग्राम पंचायत कोटा (वार्ड नंबर 2) के केवटान टोले में निकलती दिखाई दे रही है। यहाँ लगभग 20 से अधिक परिवारों के पास वैध घरेलू कनेक्शन तो है, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण वर्ष 2019 से आज तक बिजली लोहे के पोल के बजाय बांस-बल्ली के सहारे ही दौड़ रही है।

मौत को दावत देते लटकते तार:

स्थानीय निवासी अवधेश यादव ने बताया कि अंशु प्रजापति के घर के पास अंतिम पोल है, जहाँ से सीताराम कुशवाहा के घर तक लगभग 1 किलोमीटर की दूरी लोग बांस-बल्ली के सहारे तय करने को मजबूर हैं। स्थिति इतनी भयावह है कि कई जगहों पर तार जमीन से महज कुछ फीट ऊपर लटक रहे हैं, जो राहगीरों के सिर से टकराने लगते हैं। आए दिन तार टूटकर रास्ते में गिर जाते हैं, जिससे खासकर बारिश और गर्मी के मौसम में करंट की चपेट में आने का खतरा बना रहता है।

स्ट्रीट लाइट का भी अभाव:

ग्रामीणों का आरोप है कि गाँव के मुख्य मार्ग पर स्ट्रीट लाइट तक नहीं है, जिससे रात के अंधेरे में टूटे हुए तारों का पता नहीं चल पाता। उपभोक्ताओं का कहना है कि वे हर महीने बिजली का बिल भर रहे हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर उन्हें सिर्फ खतरा मिल रहा है। स्थानीय लोगों ने विभाग और जनप्रतिनिधियों से तत्काल खंभे लगवाने और जर्जर तारों को दुरुस्त करने की मांग की है ताकि किसी अनहोनी को टाला जा सके।

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले