(अमान खान ब्यूरो चीफ) सोनभद्र। जनपद के थाना करमा अंतर्गत जुगनी जंगल में रविवार को पुलिस और गौ-तस्करों के बीच फिल्मी अंदाज में मुठभेड़ हो गई। खुद को पुलिस से घिरता देख तस्करों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं। इस मुठभेड़ में एक शातिर तस्कर पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसका साथी अंधेरे और घने जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा।
मिर्जापुर पुलिस की सूचना पर बिछाया गया जाल
घटना की शुरुआत तब हुई जब मिर्जापुर की राजगढ़ पुलिस ने सोनभद्र पुलिस को सूचना दी कि राजगढ़ थाने से वांछित गौ-तस्कर जुगनी जंगल के रास्ते भागने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही घोरावल, करमा और राजगढ़ (मिर्जापुर) पुलिस ने संयुक्त टीम बनाकर जंगल की घेराबंदी कर दी।
जवाबी फायरिंग में धरा गया करन जायसवाल
पुलिस टीम को देखते ही बाइक सवार तस्करों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें करन जायसवाल (27 वर्ष), निवासी वाराणसी, के दाहिने पैर में गोली लगी और वह वहीं गिर पड़ा। पुलिस ने उसे तत्काल गिरफ्तार कर इलाज के लिए सीएचसी घोरावल भेजा। वहीं, उसका साथी सहाबे आलम मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी है।
पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा
गिरफ्तार अभियुक्त करन जायसवाल ने कबूल किया कि उनका एक संगठित गिरोह है जो मध्य प्रदेश बॉर्डर से गौवंशों को लाकर बिहार और पश्चिम बंगाल के वधशालाओं में सप्लाई करता है। 21 फरवरी को भी ये लोग 07 गौवंशों से लदी पिकअप राजगढ़ क्षेत्र में छोड़कर भागे थे। पकड़े गए अभियुक्त के पास से:
- 01 अवैध तमंचा (.315 बोर)
- 01 जिंदा कारतूस और 02 खोखा कारतूस बरामद हुए हैं।
शातिर अपराधी है घायल तस्कर
पकड़ा गया करन जायसवाल कोई मामूली अपराधी नहीं है। उस पर वाराणसी और सोनभद्र के विभिन्न थानों में हत्या (302), गैंगस्टर एक्ट, गोवध निवारण अधिनियम और आईटी एक्ट जैसे गंभीर अपराधों के आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।
पुलिस टीम की सफलता: इस साहसिक मुठभेड़ में प्रभारी निरीक्षक घोरावल बृजेश सिंह, प्रभारी निरीक्षक करमा राजेश सिंह और प्रभारी निरीक्षक राजगढ़ वेद प्रकाश पाण्डेय की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।






