महिला शिक्षकों के हितों के प्रति पूर्ण समर्पित लगातार चौथी बार जिलाध्यक्ष बनीं अनीता तिवारी । - धुरिया पलिया सरकारी स्कूल में शिक्षक न पहुंचने से बच्चों का भविष्य हो रहा खिलवाड़ - स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पूरनपुर नगर में संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटरों व पैथोलॉजी लैबों पर छापेमारी। - बेमौसम बारिश से किसानों की फसलें बर्बाद, खेतों में भरा पानी - महंगी किताबों और ड्रेस की शिकायत पर सेंट जेवियर्स स्कूल में डीआईओएस की छापेमारीमहिला शिक्षकों के हितों के प्रति पूर्ण समर्पित लगातार चौथी बार जिलाध्यक्ष बनीं अनीता तिवारी । - धुरिया पलिया सरकारी स्कूल में शिक्षक न पहुंचने से बच्चों का भविष्य हो रहा खिलवाड़ - स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पूरनपुर नगर में संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटरों व पैथोलॉजी लैबों पर छापेमारी। - बेमौसम बारिश से किसानों की फसलें बर्बाद, खेतों में भरा पानी - महंगी किताबों और ड्रेस की शिकायत पर सेंट जेवियर्स स्कूल में डीआईओएस की छापेमारी

डॉ बृजेश महादेव की काव्य कृति “प्रणय पुंजिका” विश्व पुस्तक मेले में शामिल

20वाँ विश्व पुस्तक मेला नई दिल्ली में 10 से 18 जनवरी तक भारत मंडपम में हो रहा आयोजित

EDITED BY: Ground Reporter

UPDATED: Saturday, January 10, 2026

अमान खान ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। 20वां विश्व पुस्तक मेला, नई दिल्ली में 10 से 18 जनवरी 2026 तक भारत मंडपम में आयोजित हो रहा है। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन में जनपद सोनभद्र के नवोदित रचनाकार, शिक्षक एवं साहित्यकार डॉ बृजेश कुमार सिंह ‘महादेव’ की नवीन काव्य कृति “प्रणय पुंजिका” को शामिल किया गया है। यह पुस्तक भारत मंडपम, हाल संख्या-6, स्टाल संख्या V-18 नई दिल्ली में पाठकों के लिए उपलब्ध रहेगी।

बता दें कि डॉ बृजेश महादेव ग्राम भरहरी, जनपद सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) के मूल निवासी हैं। आपके पिता रामश्रृंगार सिंह एक साधारण किसान हैं तथा माता गायत्री देवी एक कुशल गृहिणी हैं। माता-पिता के आशीर्वाद और कठिन परिश्रम के बल पर आपने साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं।

आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद आपने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक शिक्षा पूर्ण की तथा वित्तविहीन विद्यालय में कार्य करते हुए शिक्षा की लौ जलाए रखी। संघर्षों के बीच आपने प्रशिक्षण एवं परास्नातक शिक्षा प्राप्त की। वर्ष 2002 में बेसिक शिक्षा परिषद, सोनभद्र में आपकी तैनाती हुई तथा 2014 में पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर से आपने डॉक्टरेट (पीएचडी) की उपाधि प्राप्त की।
आपका साहित्यिक सफर नब्बे के दशक से आरंभ हुआ। अब तक आपकी अनेक चर्चित पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें प्रमुख हैं सामान्य ज्ञान दर्पण, भौगोलिक मानचित्रांकन, कौन करेगा इंसाफ (बाल उपन्यास), वनवासी महानायक, क्रियात्मक संगीत, भजन चालीसा, तरुवर स्तवन, सरगम बोध, बैसवार समाज, पर्यावरण प्रदीपिका, वनस्पतांजलि, अरमानों की हत्या, महादेव प्रयास, पादप पहेलिया, सवर्णिम सोनभद्र तथा नवीनतम कृति “प्रणय पुंजिका” (2025)।

इसके अतिरिक्त अनेक उपन्यास, कहानी संग्रह, काव्य ग्रंथ, शोध ग्रंथ एवं दर्जनों शोधपत्र प्रकाशनाधीन एवं प्रकाशित हैं। आप “सर्चलुक”, “मंगला”, “सोनांजलि”, “निष्ठा”, “वाटिका”, “बैसवार दर्पण” तथा “साहित्य सरोवर” (ई-पत्रिका) के संपादक भी हैं।

साहित्य के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र में भी आपका योगदान उल्लेखनीय है। सामाजिक संस्थाओं, विद्यालयों एवं पुस्तकालयों के संरक्षण एवं संचालन में आपकी सक्रिय भूमिका रही है। आपको एशियन एजुकेशन अवार्ड, नेशनल बिल्डर्स अवार्ड, राज्य ICT अवार्ड सहित शिक्षा, साहित्य, समाजसेवा एवं स्काउटिंग के क्षेत्र में अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर साहित्यप्रेमियों एवं शुभचिंतकों ने डॉ बृजेश महादेव को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

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