दुनिया लॉजिक से चलती है, मैजिक से नहीं’—गुजराती ब्राइट अवॉर्ड से सम्मानित हुए डॉ. खोजा - विदाई समारोह में पुलिसकर्मियों ने फूल-मालाएं पहनाकर दी विदाई, सराहनीय कार्यकाल की प्रशंशा - जिलाधिकारी की अध्यक्षता में थाना समाधान दिवस के अवसर पर थाना माधोंटांडा में की गई जनसुनवाई। ‌ - धर्म संसद में सामाजिक सरोकारों पर मंथन, राजू अग्रवाल समेत पदाधिकारियों ने रखे विचार - 21 देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में लखनऊ धर्म संसद, मथुरा जन्मभूमि से Gen-Z तक कई अहम प्रस्तावदुनिया लॉजिक से चलती है, मैजिक से नहीं’—गुजराती ब्राइट अवॉर्ड से सम्मानित हुए डॉ. खोजा - विदाई समारोह में पुलिसकर्मियों ने फूल-मालाएं पहनाकर दी विदाई, सराहनीय कार्यकाल की प्रशंशा - जिलाधिकारी की अध्यक्षता में थाना समाधान दिवस के अवसर पर थाना माधोंटांडा में की गई जनसुनवाई। ‌ - धर्म संसद में सामाजिक सरोकारों पर मंथन, राजू अग्रवाल समेत पदाधिकारियों ने रखे विचार - 21 देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में लखनऊ धर्म संसद, मथुरा जन्मभूमि से Gen-Z तक कई अहम प्रस्ताव

दुनिया लॉजिक से चलती है, मैजिक से नहीं’—गुजराती ब्राइट अवॉर्ड से सम्मानित हुए डॉ. खोजा

दीपक तिजोरी, हितेन तेजवानी और भूमि त्रिवेदी ने डॉ. खोजा को किया सम्मानित

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Monday, October 12, 2026

वास्तु से ज्योतिष तक डॉ. खोजा का जलवा, मिला प्रतिष्ठित गुजराती ब्राइट अवॉर्ड

मुंबई (अनिल बेदाग): वास्तु विशेषज्ञ, ज्योतिषाचार्य, न्यूमेरोलॉजिस्ट, फेस रीडर और हस्तरेखा विशेषज्ञ डॉ. खोजा को प्रतिष्ठित गुजराती ब्राइट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। भव्य समारोह में उन्हें अभिनेता दीपक तिजोरी, टेलीविजन अभिनेता हितेन तेजवानी, लोकप्रिय गायिका भूमि त्रिवेदी और ब्राइट आउटडोर मीडिया लिमिटेड के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. योगेश लखानी ने सम्मान प्रदान किया।

कार्यक्रम में मनोरंजन, व्यवसाय और सामाजिक क्षेत्र की कई चर्चित हस्तियों की मौजूदगी रही। दीपशिखा नागपाल, आरती नागपाल, विस्तास्प गोटला, प्रीति-पिंकी, राजीव रुइया, निकिता रावल और मनोज जोशी सहित अनेक सितारे समारोह का हिस्सा बने।

दो बार गोल्ड मेडलिस्ट और पीएचडी धारक डॉ. खोजा ने वास्तु शास्त्र, वैदिक एवं वेस्टर्न एस्ट्रोलॉजी, न्यूमेरोलॉजी, फेस रीडिंग, हस्तरेखा, लाल किताब और नाड़ी ज्योतिष जैसी विधाओं का वर्षों तक अध्ययन किया है। गुजरात के वापी से शुरू हुआ उनका सफर आज भारत से बाहर केन्या, दुबई, अमेरिका, लंदन, थाईलैंड, हांगकांग और दक्षिण अफ्रीका तक पहुंच चुका है।

सम्मान के बाद डॉ. खोजा ने कहा, “दुनिया लॉजिक से चलती है, मैजिक से नहीं। सोच बदल जाए तो संभावनाओं के नए द्वार खुल जाते हैं।” उन्होंने कहा कि लोग उनके पास केवल भविष्य जानने नहीं, बल्कि अपनी समस्याओं का समाधान तलाशने आते हैं।

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