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बार काउंसिल अध्यक्ष के हस्तक्षेप से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिमेष श्रीवास्तव का नाम मतदाता सूची में हुआ बहाल

शिव किशोर गौड़ ने चुनाव प्रभारी डी.पी. पाल को लगाई कड़ी फटकार, आजीवन सदस्य का मताधिकार सुनिश्चित करते हुए निर्वाचन प्रक्रिया नियमानुसार संपन्न कराने के दिए निर्देश

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Saturday, July 18, 2026

रायबरेली ब्यूरो।। सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के प्रस्तावित चुनाव को लेकर मतदाता सूची से वरिष्ठ अधिवक्ता अनिमेष श्रीवास्तव का नाम हटाए जाने के प्रकरण में उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के अध्यक्ष शिव किशोर गौड़ ने गंभीर संज्ञान लेते हुए चुनाव प्रभारी डी.पी. पाल एडवोकेट को कड़ी फटकार लगाई है तथा निर्देशित किया है कि वरिष्ठ अधिवक्ता अनिमेष श्रीवास्तव का नाम तत्काल प्रभाव से मतदाता सूची में सम्मिलित कर उनके वैध मताधिकार को सुनिश्चित करते हुए निर्वाचन की समस्त कार्यवाही नियमानुसार संपन्न कराई जाए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वरिष्ठ अधिवक्ता अनिमेष श्रीवास्तव ने उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के अध्यक्ष को प्रेषित अपने पत्र में अवगत कराया था कि वह विधि व्यवसाय से जुड़े अधिवक्ता हैं तथा सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के आजीवन सदस्य हैं। उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया कि वर्ष 2014 से वर्ष 2025 तक आयोजित सेन्ट्रल बार एसोसिएशन के प्रत्येक चुनाव में उन्होंने नियमित रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। इसके बावजूद वर्तमान में प्रस्तावित चुनाव हेतु प्रकाशित मतदाता सूची से चुनाव प्रभारी डी.पी. पाल, एडवोकेट द्वारा उनका नाम हटा दिया गया।
श्री श्रीवास्तव ने यह भी अवगत कराया कि मतदाता सूची से नाम विलोपित किए जाने के संबंध में उन्होंने नियमानुसार आपत्ति प्रस्तुत की, किंतु उनकी आपत्ति पर समुचित विचार नहीं किया गया और न ही कोई संतोषजनक निर्णय लिया गया। इससे उनके वैधानिक एवं लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन की स्थिति उत्पन्न हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के अध्यक्ष शिव किशोर गौड़ ने उपलब्ध अभिलेखों एवं तथ्यों का परीक्षण किया। परीक्षण के उपरांत उन्होंने स्पष्ट किया कि अनिमेष श्रीवास्तव सेन्टल बार एसोसिएशन के आजीवन सदस्य हैं तथा वर्ष 2014 से वर्ष 2025 तक लगातार अपने मताधिकार का प्रयोग करते रहे हैं। ऐसी स्थिति में उनका नाम मतदाता सूची से हटाया जाना न्यायोचित एवं नियमसम्मत प्रतीत नहीं होता।
बार काउंसिल अध्यक्ष ने चुनाव प्रभारी डी.पी. पाल, एडवोकेट को निर्देशित किया कि वरिष्ठ अधिवक्ता अनिमेष श्रीवास्तव का नाम तत्काल प्रभाव से मतदाता सूची में जोड़ा जाए तथा उन्हें मतदान का पूर्ण अवसर प्रदान करते हुए निर्वाचन प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विधिसम्मत ढंग से संपन्न कराई जाए।
बार काउंसिल अध्यक्ष के इस हस्तक्षेप को अधिवक्ता समुदाय में लोकतांत्रिक मूल्यों, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों तथा निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। अधिवक्ताओं का मानना है कि किसी भी पात्र एवं आजीवन सदस्य के मताधिकार की रक्षा करना निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता और संस्थागत गरिमा बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है।

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