कक्ष, कुर्सी, मेज तक को कानून गो मोहताज - सहारनपुर में दिखा युद्ध स्तर का जज्बा: हवाई हमले के सायरन और ब्लैक-आउट के बीच 'नागरिक सुरक्षा' ने बचाई जिंदगियां - मोक्षायतन संस्थान में वसन्तोत्सव - जागरूक मतदाता -जागरूक राष्ट्र का प्रतीक है: शीतल टण्डन - सुभाष जयंती पर कमला फाऊंडेशन की ओर से हुआ कार्यक्रम का आयोजनकक्ष, कुर्सी, मेज तक को कानून गो मोहताज - सहारनपुर में दिखा युद्ध स्तर का जज्बा: हवाई हमले के सायरन और ब्लैक-आउट के बीच 'नागरिक सुरक्षा' ने बचाई जिंदगियां - मोक्षायतन संस्थान में वसन्तोत्सव - जागरूक मतदाता -जागरूक राष्ट्र का प्रतीक है: शीतल टण्डन - सुभाष जयंती पर कमला फाऊंडेशन की ओर से हुआ कार्यक्रम का आयोजन

सहारनपुर में दिखा युद्ध स्तर का जज्बा: हवाई हमले के सायरन और ब्लैक-आउट के बीच ‘नागरिक सुरक्षा’ ने बचाई जिंदगियां

हवाई हमले के सायरन से गूंजा सहारनपुर; नागरिक सुरक्षा की मुस्तैदी और टीम वर्क ने पेश की शानदार मिसाल, उत्तर प्रदेश दिवस एवं नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जयंती के अवसर पर सहारनपुर में भव्य 'ब्लैक आउट मॉकड्रिल' संपन्न

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Friday, January 23, 2026

Saharanpur shows warlike spirit: Amid air raid sirens and blackouts, 'civil defence' saves lives

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश दिवस के गौरवमयी अवसर पर सहारनपुर की सड़कों पर आज एक असाधारण दृश्य देखने को मिला। रामकिशन परमहंस स्कूल तिराहे से जैन बाग तक का इलाका मानो किसी ‘वॉर ज़ोन’ में तब्दील हो गया था, जहाँ नागरिक सुरक्षा के जांबाजों ने अपनी मुस्तैदी से यह साबित किया कि आपदा चाहे कितनी भी बड़ी हो, सहारनपुर सुरक्षित है।

प्रमुख सचिव, नागरिक सुरक्षा अनुभाग, उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार ‘उत्तर प्रदेश दिवस-2026’ एवं नेताजी सुभाष चन्द्र बोस जी की जयंती के पावन अवसर पर आज सहारनपुर सहित प्रदेश के सभी 75 जनपदों में एक साथ ‘ब्लैक आउट मॉकड्रिल’ का सफल आयोजन किया गया। जिलाधिकारी/नियन्त्रक नागरिक सुरक्षा, मनीष बंसल के कुशल निर्देशन और एडीएम प्रशासन श्री सन्तोष बहादुर सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस अभ्यास ने आपातकालीन स्थितियों में विभाग की तैयारियों को बखूबी प्रदर्शित किया।

सायरन की गूंज और अभेद्य सुरक्षा घेरा सांय 06:00 बजे जैसे ही क्षेत्रीय नियन्त्रण केन्द्र दिल्ली से काल्पनिक हवाई हमले की सूचना प्राप्त हुई, नागरिक सुरक्षा नियन्त्रण केन्द्र सहारनपुर द्वारा तत्काल सायरन के माध्यम से जनता को सचेत किया गया। दो मिनट तक उतार-चढ़ाव वाली सायरन की आवाज (Wailing Tone) गूंजते ही सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विद्युत विभाग ने बिजली आपूर्ति बाधित कर दी, जिससे चयनित क्षेत्र (रामकिशन परमहंस स्कूल तिराहा से जैन बाग) पूरी तरह अंधेरे (ब्लैक आउट) की आगोश में समा गया।

नागरिक सुरक्षा के पदाधिकारियों ने लाल झंडी दिखाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने हेतु निर्देशित किया। ठीक 06:07 बजे ‘खतरा समाप्ति’ का सायरन बजते ही सभी आपातकालीन सेवाएं युद्धस्तर पर सक्रिय हो गईं।

  1. शाम 06:00 बजे: सन्नाटा और सायरन की गूंज
    जैसे ही क्षेत्रीय नियन्त्रण केन्द्र दिल्ली से ‘हवाई हमले’ का सिग्नल प्राप्त हुआ, पूरा क्षेत्र सायरन की डरावनी लेकिन सतर्क करने वाली आवाजों से गूंज उठा। जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देश पर पलक झपकते ही विद्युत आपूर्ति काट दी गई। पूरा इलाका ‘टोटल ब्लैक-आउट’ की स्थिति में आ गया। नागरिक सुरक्षा के वार्डन्स ने हाथों में लाल झंडियां और टॉर्च लेकर मोर्चा संभाला और सड़कों पर चल रहे लोगों को तुरंत सेल्टर लेने या जमीन पर लेटने (Lie Down) के निर्देश दिए।
  2. ध्वस्त भवन और ‘सर्च एंड रेस्क्यू’ ऑपरेशन
    काल्पनिक हमले में एक इमारत के मलबे में तब्दील होने का दृश्य तैयार किया गया। लोक निर्माण विभाग (PWD) की भारी मशीनों और नागरिक सुरक्षा की ‘रेस्क्यू पार्टी’ ने मलबे के बीच से घायलों को निकालने का जोखिम भरा अभियान चलाया। सीढ़ियों और रस्सियों के सहारे ऊँची मंजिलों पर फंसे नागरिकों को ‘स्लाइडिंग’ तकनीक से नीचे उतारा गया, जो रोंगटे खड़े कर देने वाला दृश्य था।
  3. अग्नि शमन और ‘फायर फाइटिंग’ का कौशल
    हमले के बाद लगी भीषण आग को बुझाने के लिए मुख्य अग्नि शमन अधिकारी प्रताप सिंह के नेतृत्व में फायर ब्रिगेड और स्टार पेपर मिल की फायर टीम ने मोर्चा संभाला। पानी की बौछारों और अत्याधुनिक उपकरणों के जरिए मिनटों में ‘आग’ पर काबू पा लिया गया, जिससे आसपास की संपत्तियों को जलने से बचा लिया गया।
  4. ‘गोल्डन ऑवर’ में जीवन रक्षा (Medical Aid)
    मलबे से निकाले गए घायलों के लिए स्वास्थ्य विभाग और सिविल डिफेंस की मेडिकल टीम ने ‘ट्राइएज एरिया’ (Triage Area) बनाया। जहाँ सहायक उपनियन्त्रक श्री दिनेश कुमार की टीम ने घायलों को उनकी चोट के अनुसार वर्गीकृत किया। किसी की पट्टी की गई, तो किसी को ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया। गंभीर रूप से घायल डमी और वालंटियर्स को ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बनाकर तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल रवाना किया गया।
  5. 06:07 बजे: विजय का सायरन और सामान्य जनजीवन
    सात मिनट के इस रोमांचक और चुनौतीपूर्ण अभ्यास के बाद ‘ऑल क्लियर’ (खतरा समाप्ति) का सायरन एक सुर में बजा। बिजली बहाल की गई और शहर ने फिर से राहत की सांस ली। यह प्रदर्शन इतना वास्तविक था कि वहां मौजूद जनता ने तालियों के साथ नागरिक सुरक्षा टीम का उत्साहवर्धन किया।

संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन और आपदा प्रबंधन का प्रदर्शन बेहतरीन रहा साथ ही मॉकड्रिल के दौरान विभिन्न विभागों ने आपसी समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया:

फायर ब्रिगेड व स्टार पेपर मिल टीम: आग पर काबू पाकर बड़े नुकसान को रोका।
स्वास्थ्य विभाग व सिविल डिफेंस: मलबे से निकाले गए घायलों को प्राथमिक चिकित्सा दी और गंभीर घायलों को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया।
लोक निर्माण विभाग (PWD): ध्वस्त इमारतों से रेस्क्यू पार्टी के सहयोग से मलबे को हटाकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला।
मुख्य अतिथियों एवं अधिकारियों का संबोधन कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने नागरिक सुरक्षा के इस प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की: नगर विधायक राजीव गुम्भर: उन्होंने कहा कि “ऐसी मॉकड्रिल नागरिकों में सुरक्षा की भावना और आपदा के प्रति सजगता पैदा करती हैं।”
महापौर डा० अजय कुमार सिंह: उन्होंने नागरिक सुरक्षा की टीम को ‘अनसंग हीरोज’ बताते हुए उनके समर्पण को सराहा।

जिलाधिकारी मनीष बंसल: डीएम महोदय ने कहा कि “इस अभ्यास का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आपातकालीन समय में जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करना और जनता का मनोबल ऊँचा रखना है।”

एडीएम प्रशासन सन्तोष बहादुर सिंह: उन्होंने सभी विभागों के बीच सटीक तालमेल की सराहना की।

    इस अवसर पर उपनियन्त्रक नागरिक सुरक्षा कश्मीर सिंह ने पूरी रूपरेखा प्रस्तुत की। चीफ वार्डन राजेश कुमार जैन ने नागरिकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में सिविल डिफेंस से जुड़कर अपनी सेवाएँ दें। सहायक उपनियन्त्रक दिनेश कुमार ने टीम के साथ बचाव कार्यों का सजीव प्रदर्शन किया।मॉकड्रिल में डिप्टी चीफ वार्डन डॉ० हंसराज सैनी, मौहम्मद वसीम अख्तर, देसबन्धु शर्मा, ऋषभ अग्रवाल सहित वार्डन सेवा के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी, मुख्य अग्नि शमन अधिकारी श्री प्रताप सिंह एवं भारी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

    जिलाधिकारी/कोर कमाण्डर के आदेशानुसार इस मॉकड्रिल का सफलतापूर्वक समापन किया गया। उप-नियन्त्रक कश्मीर सिंह ने बताया कि इस ड्रिल का सूक्ष्म से सूक्ष्म विवरण शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप था। चीफ वार्डन राजेश कुमार जैन ने कहा कि आज का प्रदर्शन यह दर्शाता है कि हमारे वार्डन्स केवल स्वयंसेवक नहीं, बल्कि बिना वर्दी के सैनिक हैं।

    उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले