जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट कार्यालयों एवं विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों का किया निरीक्षण - भाजपा हर घर तिरंगा" अभियान एवं DLP अभियान के तहत बरहा मंडल कार्यशाला हुई सम्पन्न। - विकसित भारत - जी राम जी अधिनियम, 2025 के लागू होने के पर गांधी सभागार में हुआ आयोजन। - उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने राष्ट्रपति भवन से आमंत्रण मिलने पर रेणुका गोस्वामी को दी बधाई - लोक कलाओं के संरक्षण और कलाकारों के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में संस्कृति विभाग की अभिनव पहलजिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट कार्यालयों एवं विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों का किया निरीक्षण - भाजपा हर घर तिरंगा" अभियान एवं DLP अभियान के तहत बरहा मंडल कार्यशाला हुई सम्पन्न। - विकसित भारत - जी राम जी अधिनियम, 2025 के लागू होने के पर गांधी सभागार में हुआ आयोजन। - उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने राष्ट्रपति भवन से आमंत्रण मिलने पर रेणुका गोस्वामी को दी बधाई - लोक कलाओं के संरक्षण और कलाकारों के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में संस्कृति विभाग की अभिनव पहल

बाल भवन में बच्चों ने शिव भक्ति और देशभक्ति का अनोखा संगम रचा

दैनिक अयोध्या टाइम्स प्रयागराज ब्यूरो बृजेश केसरवानी प्रयागराज । सावन माह के पावन अवसर पर बाल भवन के बच्चों ने भक्ति और देशभक्ति दोनों भावों को सुंदर अभिव्यक्ति दी। बच्चों ने जहां मिट्टी से शिवलिंग बनाकर शिव भक्ति को साकार किया, वहीं स्वतंत्रता दिवस की तैयारी में

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Thursday, July 24, 2025

दैनिक अयोध्या टाइम्स प्रयागराज ब्यूरो बृजेश केसरवानी

प्रयागराज । सावन माह के पावन अवसर पर बाल भवन के बच्चों ने भक्ति और देशभक्ति दोनों भावों को सुंदर अभिव्यक्ति दी। बच्चों ने जहां मिट्टी से शिवलिंग बनाकर शिव भक्ति को साकार किया, वहीं स्वतंत्रता दिवस की तैयारी में भी पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।

बाल भवन की छात्रा कलश ने क्ले मॉडलिंग के माध्यम से भारत के भव्य नक्शे का निर्माण किया, जो उनकी सृजनशीलता और देश प्रेम का प्रतीक रहा। वहीं छात्रा स्वस्तिका जायसवाल ने अपने हाथों से मिट्टी का शिवलिंग बनाकर शिव आराधना में अपनी आस्था दर्शाई।

इस अवसर पर कला शिक्षक अजय कुमार गुप्ता ने बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि “कला के माध्यम से न केवल रचनात्मकता विकसित होती है, बल्कि बच्चों में सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों की समझ भी गहराती है।”

यह आयोजन न केवल बच्चों की कला प्रतिभा को निखारने वाला रहा, बल्कि उनमें सांस्कृतिक और राष्ट्रीय मूल्यों को भी गहराई से संजोने का एक प्रेरणादायी माध्यम बना।

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले