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जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक सम्पन्न हुई

गन्ना परिवहन सुरक्षा और ब्लैक स्पॉट्स के सुधार पर दिए गए निर्देश

EDITED BY: DAT ब्यूरो चीफ

UPDATED: Saturday, October 31, 2026

पीलीभीत। आलोक कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाना, ब्लैक स्पॉट्स का सुधारीकरण करना तथा आगामी पेराई सत्र के दौरान गन्ना परिवहन से जुड़े वाहनों का सुरक्षित और सुचारू संचालन आदि विन्दुओं पर चर्चा की गई।


बैठक के दौरान उन्होंने जनपद में घटित सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों की समीक्षा की गई। अधिकांश दुर्घटनाएं तेज गति (ओवरस्पीडिंग) के कारण हो रही हैं। उन्होंने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कराने के लिए प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जनपद में चिह्नित दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट्स) की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और अन्य संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि इन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। ब्लैक स्पॉट्स पर तत्काल चेतावनी बोर्ड, ब्लिंकर लाइट, रंबल स्ट्रिप्स लगाने तथा सड़क के किनारों की झाड़ियों और अवैध अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए गए, ताकि चालकों को स्पष्ट दृश्यता मिल सके।


आगामी गन्ना पेराई सत्र के मद्देनजर सड़कों पर गन्ना ढोने वाले वाहनों (ट्रैक्टर-ट्रॉली, ट्रक आदि) की आवाजाही को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में निर्देश दिए कि गन्ना ढोने वाले प्रत्येक वाहन के आगे और पीछे अनिवार्य रूप से लाल व पीले रंग का रिफ्लेक्टर टेप लगा होना चाहिए, जिससे रात के समय या कोहरे के दौरान दूर से ही वाहन दिखाई दें और पीछे से होने वाली टक्करों को रोका जा सके।
गन्ना वाहन निर्धारित मानक से अधिक ऊंचाई तक परिवहन करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर सख्त चालान और सीज की कार्रवाई की जाएगी।
चीनी मिलों के आसपास और मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति उत्पन्न न हो, निर्धारित रूट प्लान और पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग, पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय के साथ एक संयुक्त चेकिंग अभियान चलाएं, ताकि जनपद में सुरक्षित यातायात व्यवस्था स्थापित हो सके और किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्र, मुख्य चिकित्साधिकारी भुवन चन्द्र पंत, एआरटीओ,मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, अधिशासी अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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