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सड़क निर्माण कार्य पर सवाल: घटिया सामग्री से बन रही सड़क, ग्रामीणों का विरोध

नवनिर्मित सड़क हाथ से उखड़ने वीडियो वायरल जोगराजपुर मार्ग पर भ्रष्टाचार के आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश

EDITED BY: DAT ब्यूरो चीफ

UPDATED: Saturday, February 28, 2026

पूरनपुर/पीलीभीत।
सरकार द्वारा भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए भले ही बड़े-बड़े वादे किए जाते हो, लेकिन धरातल पर सरकार के जिम्मेदार आला अफसर व ठेकेदार मिलीभगत कर सरकार को लाखों रुपये का चूना लगा रहे हैं। जीरो टॉलरेंस नीति पर काम करने वाली सरकार में अधिकारियों का गठजोड़ ठेकेदारों के साथ भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है। इससे साफ जाहिर होता है कि मिली भगत के चलते मनमाने तरीके से कार्य हो रहा है। जिससे सरकारी बजट को ठिकाने लगाने का काम किया जा रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे सड़क निर्माण में जमकर धांधली की जा रही है। ठेकेदार द्वारा सड़क में घटिया सामग्री व मानक के अनुरूप न बनाने के ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए डीएम से जांच की मांग की है। प्रदेश सरकार सड़कों को गड्ढा मुक्त करने व मानक के अनुरूप सड़क निर्माण का दम भर रही है। वही विभाग सरकार के इन दावों को पलीता लगाते नजर आ रहे है।
सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के जोगराजपुर से हमीरपुर जाने वाले मार्ग का निर्माण कार्य शुरू होते ही विवादों में घिर गया है। वर्षों से जर्जर हालत में पड़ी इस सड़क के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण लंबे समय से आवाज उठा रहे थे।

सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के कारण राहगीरों, किसानों और छात्रों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। बरसात के मौसम में तो यह मार्ग पूरी तरह से दलदल में तब्दील हो जाता था। कई बार वाहन फंस जाते थे और दुर्घटनाओं की भी आशंका बनी रहती थी।ग्रामीणों की लगातार मांग और जनप्रतिनिधियों के दबाव के बाद आखिरकार सड़क निर्माण का काम शुरू हुआ, लेकिन अब ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए सीधे तौर पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में मानकों की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है। आरोप है कि सड़क पर डाली जा रही सामग्री बेहद घटिया है और कई जगहों पर सड़क की परत हाथ से ही उखड़ रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि निर्माण के दौरान न तो सही तरीके से बेस तैयार किया गया और न ही गुणवत्ता की जांच की जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों के इंतजार के बाद जब सड़क बननी शुरू हुई तो उन्हें उम्मीद थी कि अब क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी, लेकिन जिस तरह से काम किया जा रहा है उससे साफ लग रहा है कि केवल कागजों में सड़क बनाकर खानापूर्ति की जा रही है।स्थानीय निवासी बताते हैं कि निर्माण स्थल पर कई बार ग्रामीणों ने अधिकारियों और ठेकेदारों को गुणवत्ता सुधारने के लिए कहा, लेकिन उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानक के अनुरूप डामर और गिट्टी का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि यदि इसी तरह से सड़क का निर्माण किया गया तो कुछ ही महीनों में यह सड़क फिर से टूटकर गड्ढों में तब्दील हो जाएगी और सरकारी धन की बर्बादी होगी। उनका कहना है कि यह केवल जनता के साथ छलावा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जोगराजपुर से हमीरपुर तक यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है और किसानों के लिए यह सड़क बेहद महत्वपूर्ण है।

इसी रास्ते से किसान अपनी फसल मंडियों तक ले जाते हैं और बच्चों को स्कूल-कॉलेज जाने में भी इसी सड़क का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में यदि सड़क मजबूत नहीं बनी तो क्षेत्र के हजारों लोगों को फिर से परेशानी उठानी पड़ेगी।ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई जाए और यदि गड़बड़ी पाई जाए तो जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।ग्रामीणों ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही निर्माण कार्य में सुधार नहीं हुआ और विभाग द्वारा इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

ग्रामीणों ने कहा कि वे अब किसी भी हालत में घटिया सड़क निर्माण बर्दाश्त नहीं करेंगे।फिलहाल इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है और लोग प्रशासन से उम्मीद कर रहे हैं कि वह मामले का संज्ञान लेकर जांच कराएगा, ताकि सरकारी धन का सही उपयोग हो और क्षेत्र की जनता को मजबूत और टिकाऊ सड़क मिल सके।

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