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आउटसोर्स बिजली कर्मचारियों का फूटा गुस्सा

शोषण का आरोप लगाते हुए अधीक्षण अभियंता को सौंपा ज्ञापन

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Saturday, August 1, 2026

फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ की जिला कार्यकारिणी ने आउटसोर्स कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं और हो रहे कथित शोषण को लेकर अधीक्षण अभियंता (विद्युत वितरण मण्डल, फर्रुखाबाद) को एक ज्ञापन सौंपा है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो कर्मचारी संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

ज्ञापन में उठाई गई प्रमुख मांगें:

कार्य समय का निर्धारण: जनपद के विद्युत उपकेंद्रों पर कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों से नियमानुसार 8 घंटे और 26 दिन के बजाय 12 से 14 घंटे तथा महीने के सातों दिन (30 दिन) काम कराए जाने का आरोप लगाया गया है। इसके एवज में अतिरिक्त 4 दिनों के कार्य का वेतन दिए जाने की मांग की गई है।

ड्यूटी सुरक्षा और व्यवस्था: रात्रिकालीन ड्यूटी के दौरान पर्याप्त संख्या में एसएसओ और हेल्पर उपलब्ध कराने तथा हर बिजलीघर पर स्पष्ट रूप से ड्यूटी चार्ट चस्पा करने की मांग की गई है।

चिकित्सा और बीमा: सभी कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से ईएसआई (ESI) कार्ड उपलब्ध कराए जाएं।

मृतक कर्मचारी के परिजनों को सहायता: कमालगंज क्षेत्र में कार्यरत दिवंगत कर्मचारी सुशील के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक दुर्घटना सहायता और परिवार के एक आश्रित सदस्य को नौकरी दी जाए। बहाली की मांग: वर्ष 2025 में हटाए गए 181 कर्मचारियों और हाल ही में हटाए गए कर्मचारी मोहित दुबे को पुनः सेवा में बहाल किया जाए।

रिलीवर की नियुक्ति: कार्यभार को संतुलित करने के लिए प्रत्येक विद्युत उपकेंद्र पर एक ‘रिलीवर’ कर्मचारी की नियुक्ति की जाए।

चेतावनी: संघ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि विभागीय प्रशासन ने जल्द से जल्द इन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की, तो कर्मचारी सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस स्थिति की पूरी जिम्मेदारी विभागीय प्रशासन की होगी।

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