राजकुमार पाठक
बांदा/ उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री एवं जनपद के प्रभारी मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि विकसित भारत जी राम जी (वीबी- जी राम जी विधेयक के नाम में ‘राम’ शब्द आने मात्र से विपक्ष को पीड़ा हो रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर इस योजना का नाम ‘अस्सलाम वालेकुम’ होता तो शायद उन्हें कोई आपत्ति न होती।
मंत्री नंदी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रमिकों के सम्मान और सशक्तिकरण को हमेशा प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा, “मनरेगा में कुछ बुनियादी खामियां थीं, जिन्हें दूर करने के लिए ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण’ (वीबी-जी राम जी) अधिनियम, 2025 शुरू किया गया है।” इस योजना को संक्षिप्त में ‘वीबी-जी राम जी’ बोलने पर ही विपक्ष अनर्गल बयानबाजी कर रहा है।
इस नए विधेयक की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि यह ग्रामीण भारत की उन्नति के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। अब श्रमिकों को 100 दिन के स्थान पर 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार मिलेगा। कार्य के 7 दिनों के भीतर भुगतान की गारंटी दी गई है। यदि विलंब हुआ, तो ब्याज सहित भुगतान करना होगा। यह मॉडल स्थायी विकास और बुनियादी ढांचे को जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, जिससे गांवों से होने वाला पलायन रुकेगा। नंदी ने कहा कि 2014 से प्रधानमंत्री मोदी ‘प्रधानसेवक’ के रूप में देश की सेवा कर रहे हैं।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और श्रीराम मंदिर निर्माण में लगे श्रमिकों पर पुष्पवर्षा करना उनकी विराट सोच का प्रमाण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह विधेयक ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। अतं में उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष चाहे जितना दुष्प्रचार कर ले, लेकिन यह विधेयक समृद्ध और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत की असली गारंटी है, जिसके लिए पूरे देश के श्रमिक प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त कर रहे हैं।







