जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों से सम्बन्धित बैठक सम्पन्न हुई। - प्रदेश मंत्री नवीन अग्रवाल तथा जिला संगठन मंत्री एवं वरिष्ठ समाजसेवी अशोक खंडेलवाल की मौजूदगी में मनोनयन पत्र सौंपे। - मॉडिफाइड साइलेन्सर के विरुद्ध चलाया गया विशेष अभियान - विनोद राय की माताजी के ब्रह्मभोज में जुटे शुभचिंतक, अजीम आलम और दुर्गेश राय ने अर्पित किए श्रद्धा-सुमन - रमनगरा क्षेत्र में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत चला सफाई अभियान।जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सेवा संकल्प अभियान की तैयारियों से सम्बन्धित बैठक सम्पन्न हुई। - प्रदेश मंत्री नवीन अग्रवाल तथा जिला संगठन मंत्री एवं वरिष्ठ समाजसेवी अशोक खंडेलवाल की मौजूदगी में मनोनयन पत्र सौंपे। - मॉडिफाइड साइलेन्सर के विरुद्ध चलाया गया विशेष अभियान - विनोद राय की माताजी के ब्रह्मभोज में जुटे शुभचिंतक, अजीम आलम और दुर्गेश राय ने अर्पित किए श्रद्धा-सुमन - रमनगरा क्षेत्र में ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत चला सफाई अभियान।

लोहिया अस्पताल के एसएनसीयू में नवजात की मौत,

क्षमता से अधिक बच्चों की भर्ती पर उठे गंभीर सवाल

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Wednesday, August 19, 2026

फर्रुखाबाद

फर्रुखाबाद जिले के डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल स्थित एसएनसीयू में मंगलवार शाम एक नवजात की मौत के बाद हड़कंप मच गया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही और सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर मनमानी के आरोप लगाए हैं। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सेवाओं और एसएनसीयू की क्षमता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना का पूरा विवरण

जनपद शाहजहांपुर निवासी मोहित भदौरिया की पत्नी तनु ने 14 अगस्त को एक नर्सिंग होम में बच्चे को जन्म दिया था। जन्म के वक्त नवजात रोया नहीं था और उसे झटके आ रहे थे। हालत गंभीर होने पर 15 अगस्त की रात बच्चे को लोहिया अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उसे ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था।

परिजनों के आरोप:

मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे बच्चे को दोबारा झटके आए। परिजनों का आरोप है कि शाम 4:30 बजे डॉक्टर ने बच्चे की हालत ठीक बताई थी, लेकिन कुछ देर बाद जब वे देखने पहुंचे तो बच्चे में कोई हलचल नहीं थी।

गार्ड पर बदसलूकी का आरोप:

परिजनों का कहना है कि एसएनसीयू के बाहर तैनात गार्ड ने उन्हें अंदर जाने से करीब 20 मिनट तक रोके रखा। जब डॉक्टर अंदर पहुंचे और उपचार शुरू किया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। शाम करीब 6:30 बजे डॉक्टर ने नवजात को मृत घोषित कर दिया।

डॉक्टर का बयान: एसएनसीयू में तैनात डॉक्टर शिवाशीष उपाध्याय ने बताया कि बच्चे की स्थिति जन्म से ही बेहद नाजुक थी। उसे जन्म के समय से ही झटके आ रहे थे और उसकी लगातार निगरानी की जा रही थी।

क्षमता से अधिक भर्ती: इस मामले में सबसे बड़ी लापरवाही एसएनसीयू की क्षमता को लेकर सामने आई है। अस्पताल में एसएनसीयू के कुल 14 बेड हैं, लेकिन मंगलवार को वहां 31 नवजात भर्ती किए गए थे। सीमित ऑक्सीजन प्वाइंट होने के कारण गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिलने में दिक्कतें आ रही हैं। मंगलवार रात एक अन्य पीड़ित बच्चे को भी ऑक्सीजन की कमी के चलते भारी मशक्कत के बाद भर्ती किया गया था।

पुलिस जांच और परिजनों की मांग घटना के तुरंत बाद परिजनों ने कादरी गेट थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और परिजनों से जानकारी जुटाई। पीड़ित परिवार ने मांग की है कि गार्ड द्वारा अंदर न जाने देने और इलाज में बरती गई कथित लापरवाही की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

मुख्य सवाल: क्या एसएनसीयू में निर्धारित क्षमता से दोगुने से अधिक बच्चों को भर्ती किए जाने पर सभी नवजातों को उचित चिकित्सीय देखभाल मिल पाना संभव है? इस सवाल का जवाब अब प्रशासनिक जांच के बाद ही मिल सकेगा।

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