नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रमंडल के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (CSPOC) का उद्घाटन किया - शेयर बाज़ार में एंट्री को तैयार शैडोफैक्स - द्रौपदी मुर्मु गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं - सोनभद्र: मुख्य चिकित्सा अधिकारी पर गंभीर आरोप, बिना डिग्री के अस्पताल चलाने को संरक्षण देने का मामला गर्माया - थाना शक्तिनगर पुलिस की बड़ी सफलता, चोरी की 50 मीटर केबल तार (कॉपर) के साथ 02 अभियुक्त गिरफ्तार-नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रमंडल के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (CSPOC) का उद्घाटन किया - शेयर बाज़ार में एंट्री को तैयार शैडोफैक्स - द्रौपदी मुर्मु गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं - सोनभद्र: मुख्य चिकित्सा अधिकारी पर गंभीर आरोप, बिना डिग्री के अस्पताल चलाने को संरक्षण देने का मामला गर्माया - थाना शक्तिनगर पुलिस की बड़ी सफलता, चोरी की 50 मीटर केबल तार (कॉपर) के साथ 02 अभियुक्त गिरफ्तार-

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दूरसंचार साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत करने के लिए संचार साथी हितधारकों की बैठक की अध्यक्षता की

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज दूरसंचार विभाग के सचिव डॉ. नीरज मित्तल के साथ संचार साथी पहल के अंतर्गत हितधारकों की एक बैठक की अध्यक्षता की जिसका उद्देश्य दूरसंचार से संबंधित साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई को और मजबूत करना है। बैठक में ज्यादा

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Friday, November 14, 2025

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने आज दूरसंचार विभाग के सचिव डॉ. नीरज मित्तल के साथ संचार साथी पहल के अंतर्गत हितधारकों की एक बैठक की अध्यक्षता की जिसका उद्देश्य दूरसंचार से संबंधित साइबर धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई को और मजबूत करना है। बैठक में ज्यादा जागरूकता, निवारक उपायों को लागू करने एवं नागरिक रिपोर्टिंग के माध्यम से जन भागीदारी को प्रोत्साहित करने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया गया।

नागरिक-केंद्रित डिजिटल सुरक्षा पहल ‘संचार साथी’ चोरी हुए या गुम हुए फ़ोन को ब्लॉक करने के लिए सीईआईआर (केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर), डीआईपी (डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफ़ॉर्म), एएसटीआर (नकली दस्तावेज़ों पर लिए गए कनेक्शनों का पता लगाने) जैसी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रणालियां, संभावित धोखाधड़ी का पता लगाने एवं उन्हें रोकने के लिए एफआरआई (वित्तीय धोखाधड़ी जोखिम संकेतक) जैसे उन्नत उपकरणों को एकीकृत करती है। इसने भारत के दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित करने में उल्लेखनीय प्रगति की है।

अब तक 82 लाख से ज्यादा फर्जी मोबाइल कनेक्शन बंद किए गए हैं और 35 लाख से ज्यादा खोए हुए या चोरी हुए फोन ब्लॉक किए गए हैं। इस पहल ने इस प्रणाली के शुभारंभ के केवल 24 घंटों के अंदर 1.35 करोड़ फ़र्ज़ी अंतरराष्ट्रीय कॉल को सफलतापूर्वक रोका है। इस प्रणाली के कारण ऐसी कॉल में 97 प्रतिशत की कमी आई है।

संचार साथी पोर्टल को व्यापक जनभागीदारी प्राप्त हुई है जिसमें प्रतिदिन 16 करोड़ मुआयना एवं औसतन 2 लाख उपयोगकर्ता शामिल हैं। एआई-संचालित एएसटीआर टूल, लोगों की शिकायतों एवं हितधारकों के सुझावों के माध्यम से 4.7 करोड़ से अधिक मोबाइल कनेक्शन बंद किए गए हैं। इस पहल द्वारा 5.1 लाख मोबाइल हैंडसेट ब्लॉक किए गए हैं, 24.46 लाख व्हाट्सएप अकाउंट बंद किए गए हैं तथा धोखाधड़ी गतिविधियों में शामिल 20,000 बल्क एसएमएस भेजने वाल लोगों को काली सूची में डाला गया है।

संचार साथी की सीईआईआर प्रणाली के अंतर्गत, 35.49 लाख खोए या गुम हुए उपकरणों को ब्लॉक किया गया है, 21.57 लाख उपकरणों को खोजा गया है और 5.19 लाख उपकरणों को बरामद किया गया है। संचार साथी ने 620 संगठनों को अपने साथ जोड़ा है, जिसमें केंद्रीय एजेंसियां, राज्य पुलिस बल, टेलीकॉम सेवा प्रदाता और जीएसटीएन शामिल हैं, जो पूरे देश में टेलीकॉम धोखाधड़ी एवं साइबर खतरों का मुकाबला करने के लिए एक मजबूत सहयोगात्मक नेटवर्क तैयार कर रहे हैं।

पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक प्रमुख कदम के रूप में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हिंदी और 21 क्षेत्रीय भाषाओं में संचार साथी मोबाइल अनुप्रयोग का शुभारंभ किया, जिससे इसका विभिन्न क्षेत्रों में पहुंच सुनिश्चित हुई है। इसे मूल रूप से जनवरी 2025 में शुरू किया गया था और यह ऐप उपयोगकर्ताओं को संदिग्ध संचार की रिपोर्ट करने, खोए या चोरी हुए फोन को ब्लॉक या ट्रेस करने और अवैध मोबाइल कनेक्शनों की जांच करने की सुविधा प्रदान करता है। यह अब एंड्रॉइड और आईओएस दोनों प्लेटफार्मों पर उपलब्ध है जिससे पूरे देश में नागरिकों को बहुभाषी डिजिटल सुरक्षा उपकरणों से सशक्त बनाया जा रहा है। इस ऐप को 46 लाख से ज़्यादा बार डाउनलोड किया जा चुका है।

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले