वाशिंगटन और तेहरान के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर सहमति न बनने के बाद तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. ईरान ने सीजफायर तोड़ते हुए सोमवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया. 8 अप्रैल को युद्धविराम के ऐलान के बाद यह ईरान की पहली बड़ी सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है.
यूएई अधिकारियों ने हवाई खतरे की पुष्टि करते हुए बताया कि विदेश और रक्षा मंत्रालय की ओर से आपातकालीन अलर्ट जारी किए गए हैं और एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया है.
दुबई और अबू धाबी में अलर्ट
दुबई और अबू धाबी में रहने वाले लोगों को मोबाइल इमरजेंसी अलर्ट भेजकर घरों के अंदर रहने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है. शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में तीन भारतीय नागरिक घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
फुजैराह में हुए हमले को लेकर भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है और प्रभावित भारतीयों को हर संभव चिकित्सा सहायता दी जा रही है.
जब्त जहाज के चालक दल को पाकिस्तान भेजा गया
इस बीच, अमेरिका ने एक “विश्वास-बहाली उपाय” के तहत जब्त किए गए ईरानी जहाज MV Touska के चालक दल के 22 सदस्यों को पाकिस्तान भेज दिया है. यह जहाज Islamic Republic of Iran Shipping Lines समूह से जुड़ा था और इसे ओमान की खाड़ी में चाबहार बंदरगाह के पास अमेरिकी बलों ने कब्जे में लिया था.
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने बताया कि इन सभी को सुरक्षित रूप से पाकिस्तान लाया गया और बाद में उन्हें ईरान भेजा जाएगा. उन्होंने इसे अमेरिका और ईरान के बीच सहयोग का सकारात्मक संकेत बताते हुए क्षेत्रीय शांति के लिए अहम कदम कहा.यानी, एक तरफ जहां सैन्य तनाव तेजी से बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक स्तर पर कुछ “विश्वास-बहाली” कदम भी उठाए जा रहे हैं, जिससे हालात और जटिल बने हुए हैं.




