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आईआईटी रुडकी से करायी जायेगी पेयजल में आर्सेनिक व हैवी मैटल की जांच

नाले/नाली/सीवर से क्रॉस हो रही या क्षतिग्रस्त लाइन की उपभोक्ता तुरंत मरम्मत कराए

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Friday, January 9, 2026

IIT Roorkee will conduct tests for arsenic and heavy metals in drinking water.

सहारनपुर। महानगर के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम द्वारा अनेक ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। नगरायुक्त शिपू गिरि के निर्देश पर महानगर के अधिकांश बड़े ट्यूबवेलों पर इलेक्ट्रॉनिक डोजर मशीन से क्लोरिन की आपूर्ति की जा रही है तथा शहर के सभी वार्डो में घर-घर जाकर पानी के नमूने लिए जा रहे है और क्लोरिन की जांच की जा रही है। इसके अलावा जल निगम ग्रामीण की लैब में भी हर रोज पानी के दस नमूनों की जांच करायी जा रही है।

महाप्रबंधक जल पुरुषोत्तम कुमार ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि जल निगम ग्रामीण की लैब में अभी तक सौ से ज्यादा नमूनों की फिजिकल, केमिकल एवं बैक्टिरियोलॉजिकल जांच करायी गयी है, सभी नमूनों की टेस्ट रिपोर्ट सामान्य पायी गयी है। उन्होंने बताया कि पेयजल में आर्सेनिक, फ्लोराइड, व अन्य हैवी मैटल की जांच आई आई टी रुडकी से कराने की प्रक्रिया भी चल रही है। उन्होंने बताया कि घर घर जाकर अमृत मित्रों द्वारा हर रोज करीब 450 नमूने लेकर क्लोरीन की जांच की जा रही है।

इसके अलावा विभागीय वाहनों द्वारा भी प्रतिदिन रोस्टर के अनुसार क्लोरिन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। ओवर हैड टैंकों की सफाई दो माह पहले ही करायी जा चुकी है, प्रत्येक 06 माह बाद ये सफाई करायी जाती है। उन्होंने बताया कि निगम की जल प्रयोगशाला का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है, जल्दी ही इसमें नमूनों की जांच शुरु कर दी जायेगी।
महाप्रबंधक जल ने बताया कि शिकायतों में सबसे पहले गंदे पानी की शिकायत का निस्तारण किया जा रहा है तथा सीवर लाइन व चैंबर की मरम्मत तत्काल करायी जा रही है, और यदि सीवर चोक की सूचना मिल रही है तो जेटिंग मशीन से उसकी सफाई करायी जा रही है।

महाप्रबंधक जल ने लोगों से अपील की है कि जिन उपभोक्ताओं की पाइप लाइन नाले/नाली/सीवर के समीप से गुजर रही है या क्रॉस हो रही हैं या क्षतिग्रस्त/लीकेज है तो वह स्वयं के स्तर से उसकी मरम्मत कराएं या निगम को अवगत कराए। उन्होंने पानी कनेक्शन के लिए जीआई पाइप के स्थान पर पीवीसी पाइप का उपयोग करने की भी अपील की है। महाप्रबंधक जल ने बताया कि शहर में पाइप लाइनों के निरीक्षण के दौरान 08 स्थानों पर नाले-नालियों के ऊपर से गुजरने वाली पेयजल पाइप लाइन बदलने की आवश्यकता सामने आई है। इसके लिए प्राक्कलन तैयार कर पाइप लाइनों को बदलने की कार्रवाई की जा रही है।

दो स्थानों पर पेयजल पाइप लाइन को बदला भी जा चुका है। उन्होंने बताया कि पुरानी पेयजल पाइप लाइनों को बदलने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में तीन करोड़ 60 लाख का बजटीय प्रावधान है। जिसके अंतर्गत अनेक वार्डो में क्षतिग्रस्त पेयजल पाइप लाइन नयी पेयजल पाइप लाइन बिछाये जाने का कार्य निरंतर कराया जा रहा है। करीब एक करोड़ 25 लाख के कार्य कराये गए हैं। उन्होंने बताया कि 15 वें वित्त आयोग के अंतर्गत 03 करोड़ रुपये की राशि नई पेयजल पाइप लाइन बिछाये जाने के लिए आवंटित है। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त सीवर लाइनों के स्थान पर नई सीवर लाइन बिछाने के लिए 15 वें वित्त आयोग में 04 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित है। जिसके सापेक्ष एक करोड़ 40 लाख के कार्य कराये जा रहे हैं।

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