गलगलिया बाजार में भीषण अग्निकांड, कई दुकानें जलकर खाक - सहयोग शिविर में दिए गए आवेदनों की रसीद संभालकर रखें: अहमद हुसैन - औचक निरीक्षण में गायब मिले 147 कर्मचारियों पर गिरी गाज - एबीवीपी अवध प्रांत अभ्यास वर्ग संपन्न: अश्वनी मौर्य बने लखनऊ ग्रामीण के विभाग संगठन मंत्री - किशनगंज में भीषण सड़क हादसा: 8 घायलगलगलिया बाजार में भीषण अग्निकांड, कई दुकानें जलकर खाक - सहयोग शिविर में दिए गए आवेदनों की रसीद संभालकर रखें: अहमद हुसैन - औचक निरीक्षण में गायब मिले 147 कर्मचारियों पर गिरी गाज - एबीवीपी अवध प्रांत अभ्यास वर्ग संपन्न: अश्वनी मौर्य बने लखनऊ ग्रामीण के विभाग संगठन मंत्री - किशनगंज में भीषण सड़क हादसा: 8 घायल

जलभराव से क्षतिग्रस्त हुई मर्सिडीज़, वाहन मालिक ने नगर आयुक्त को भेजा कानूनी नोटिस

जुगनू गौतमगाजियाबाद।वसुंधरा निवासी अमित किशोर ने नगर निगम की लापरवाही के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए नगर आयुक्त को कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस 23 जुलाई 2025 को हुई घटना को लेकर भेजा गया है, जब भारी बारिश के कारण साहिबाबाद से वसुंधरा मार्ग पर जलभराव

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Friday, November 14, 2025

जुगनू गौतम
गाजियाबाद।
वसुंधरा निवासी अमित किशोर ने नगर निगम की लापरवाही के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए नगर आयुक्त को कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस 23 जुलाई 2025 को हुई घटना को लेकर भेजा गया है, जब भारी बारिश के कारण साहिबाबाद से वसुंधरा मार्ग पर जलभराव की गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई थी।अमित किशोर अपनी मर्सिडीज़ कार (मॉडल: GLA 200 D, रजिस्ट्रेशन नंबर: DL2CAY1223) से सुबह 10 बजे लाजपत नगर, साहिबाबाद से वसुंधरा जा रहे थे, जब उनकी गाड़ी गहरे पानी में फँस गई और बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई।

जलभराव इतना अधिक था कि यातायात पूरी तरह ठप हो गया और वाहन कई घंटों तक पानी में डूबा रहा, जिससे कार को गंभीर यांत्रिक और इलेक्ट्रॉनिक नुकसान हुआ।
नोटिस में नगर निगम से निम्नलिखित मांगे की गई हैं:
मरसिडीज की मरम्मत की पूरी लागत के बराबर मुआवजा, साथ ही मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए 5 लाख रुपये का अतिरिक्त हर्जाना।साहिबाबाद, वसुंधरा और आस-पास के इलाकों में नालियों की सफाई और जलभराव की रोकथाम के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग।15 दिनों के भीतर उठाए गए कदमों और मुआवज़े की प्रक्रिया के बारे में लिखित जानकारी देने की अपेक्षा।नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई नहीं की गई, तो पीड़ित अमित किशोर कानून के तहत नगर निगम के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करेंगे, जिसमें लोकायुक्त, उच्च न्यायालय में याचिका, और हर्जाने की मांग के लिए दीवानी मुकदमा दायर किया जा सकता है।
नगर निगम की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले