कार्यक्रम में बुजुर्गों एवं कार्यकर्ताओं को किया गया सम्मानित। - नरेन्द्र मोदी ने हॉर्नबिल महोत्सव को भारत की सांस्कृतिक भव्यता और पूर्वोत्तर के बढ़ते आत्मविश्वास का उत्सव बताने वाले एक लेख को साझा किया - द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार प्रदान किए - फेरों से पहले टूटी शादी; दूल्हा 20 लाख रुपए, कार की मांग पर अड़ा, बारात लौटी - बुंदेलखंड यंग अचीवर्स अवार्ड– 2025 समारोह में वेदिका फाउंडेशन को मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने किया सम्मानितकार्यक्रम में बुजुर्गों एवं कार्यकर्ताओं को किया गया सम्मानित। - नरेन्द्र मोदी ने हॉर्नबिल महोत्सव को भारत की सांस्कृतिक भव्यता और पूर्वोत्तर के बढ़ते आत्मविश्वास का उत्सव बताने वाले एक लेख को साझा किया - द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार प्रदान किए - फेरों से पहले टूटी शादी; दूल्हा 20 लाख रुपए, कार की मांग पर अड़ा, बारात लौटी - बुंदेलखंड यंग अचीवर्स अवार्ड– 2025 समारोह में वेदिका फाउंडेशन को मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री ने किया सम्मानित

कन्हैय नगला बना तालाब घुटनों तक पानी, विकास हुआ गायब

ब्यूरो चीफ विपिन सिंह चौहान फर्रूखाबादकमालगंज”यह यूपी का कोई पिछड़ा इलाका नहीं, ये फर्रुखाबाद जिले का कमालगंज विकासखंड है और आप देख रहे हैं कन्हैय नगला मजरा, जहां बरसात के बाद ज़िंदगी घुटनों तक पानी में डूबी हुई है।”गांव की गलियां नालों में तब्दील हो चुकी हैं,

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Sunday, November 23, 2025

ब्यूरो चीफ विपिन सिंह चौहान फर्रूखाबाद
कमालगंज”यह यूपी का कोई पिछड़ा इलाका नहीं, ये फर्रुखाबाद जिले का कमालगंज विकासखंड है और आप देख रहे हैं कन्हैय नगला मजरा, जहां बरसात के बाद ज़िंदगी घुटनों तक पानी में डूबी हुई है।”गांव की गलियां नालों में तब्दील हो चुकी हैं, और पानी में डूबे रास्ते लोगों के धैर्य को डुबो रहे हैं।ये हालात कुदरती नहीं, प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम हैं।

ग्राम पंचायत के जिम्मेदार? — शायद शहर में बैठकर बारिश की चाय का लुत्फ उठा रहे हैं।बीडीओ कमालगंज त्रिलोकचंद्र शर्मा मौके पर आना तो दूर, तस्वीरें देखना भी गवारा नहीं समझते और जिलाधिकारी महोदय आशुतोष कुमार द्विवेदी ने अभी तक इन गांवों की सुध नहीं ली है।यह सिर्फ पानी नहीं है, ये प्रशासन की असंवेदनशीलता का गंदा प्रतिबिंब है।न सड़क दिखती है, न सुरक्षा यहां सिर्फ सरकार की चुप्पी और अफसरों की अनदेखी नजर आती है।

कन्हैय नगला में विकास तो नहीं, मगर गंदा पानी जरूर बह रहा है। गांव की जनता अब इंतज़ार नहीं कर रही — वह सवाल पूछ रही है। और अब जवाब देने की बारी है जिम्मेदारों की।”

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