फर्रुखाबाद:
जनपद के थाना नवाबगंज क्षेत्र में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। बाइक सवार ठगों और जेबकतरों के बढ़ते आतंक से किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों में भारी भय और असुरक्षा का माहौल है। ताजा मामला नवाबगंज थाना क्षेत्र का है, जहां ठगों ने एक किसान को झांसा देकर उसकी जेब से 20,400 रुपये पार कर लिए। हैरानी की बात यह है कि घटना के चार दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज न किए जाने से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है।

क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम कक्युली थाना नवाबगंज निवासी पीड़ित किसान राकेश गुरुवार सुबह करीब 11 बजे किसी कार्य से नवाबगंज बाजार आए थे। वह नवाबगंज तिराहा स्थित एक गल्ला आढ़त के पास खड़े थे, तभी बाइक सवार दो अज्ञात युवक उनके पास पहुंचे।
रास्ता पूछने का बहाना:
आरोपियों ने गांव अलाहदासपुर का रास्ता पूछने के बहाने बातचीत शुरू की।
झांसे में लेना:
इसके बाद आरोपियों ने किसान को खाद की दुकान तक छोड़ने का प्रस्ताव दिया। भरोसा करके राकेश उनकी बाइक पर बैठ गए।
वारदात को अंजाम:
कुछ दूर जाने के बाद जब राकेश ने बाइक रुकवाने को कहा, तो आरोपियों ने रफ्तार बढ़ा दी और सर्वेश गेस्ट हाउस के आगे उन्हें जबरन उतारकर फरार हो गए।
जेब कटी और नकदी गायब:
जब राकेश ने अपनी जेब टटोली तो वह कटी हुई थी और उसमें रखे 20,400 रुपये गायब थे।
पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल
घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने नवाबगंज थाने पहुंचकर लिखित तहरीर दी, लेकिन आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने मामले को पूरी तरह से ठंडे बस्ते में डाल दिया।
उच्चाधिकारियों को भ्रामक जानकारी:
आरोप है कि पुलिस ने उच्चाधिकारियों को यह कहकर भ्रमित किया कि उन्हें कोई तहरीर प्राप्त ही नहीं हुई है।
सिर्फ आश्वासन, कार्रवाई सिफर:
घटना के तीसरे दिन थाना प्रभारी ने पीड़ित को थाने बुलाकर मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन दिया, लेकिन खबर लिखे जाने तक रविवार को चौथे दिन भी कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश और असुरक्षा की भावना
क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि नवाबगंज में इस तरह की आपराधिक घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन पुलिस प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय लीपापोती करने में जुटी है। कई मामलों में पुलिस द्वारा उच्चाधिकारियों को गलत या भ्रामक रिपोर्ट देने के आरोप भी सामने आते रहे हैं, जिससे जनता का पुलिस पर से भरोसा उठता जा रहा है।
सबसे बड़ा सवाल:
जब पीड़ित द्वारा लिखित शिकायत समय पर दी जा चुकी है, तो आखिर पुलिस मुकदमा दर्ज करने में क्यों कतरा रही है? क्या यह महज़ कार्यप्रणाली की लपरवाही है या किसी दबाव का परिणाम, यह उच्चस्तरीय जांच का विषय है।
पीड़ित किसान और स्थानीय जनता ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि सक्रिय ठग गिरोह का जल्द से जल्द खुलासा किया जाए और इस मामले में लापरवाही व हीलाहवाली बरतने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।




