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साइबर पुलिस का ‘साईवज्र’ प्रहार: चीनी ठगों को रकम भेजने वाले गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत 3 गिरफ्तार

फर्जी पते व क्रेडेंशियल से खुलवाते थे म्यूल अकाउंट, टेलीग्राम के जरिए USDT में बदलते थे ठगी की रकम; 5 लाख रुपये फ्रीज

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Friday, July 24, 2026

जिला संवाददाता आशीष कश्यप
दैनिक अयोध्या टाइम्स लखनऊ

पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के हजरतगंज थाना व साइबर मध्य जोन की पुलिस टीम ने ‘साईवज्र अभियान’ के तहत एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत 3 साइबर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के कब्जे से 23 एटीएम कार्ड, 13 पासबुक, 9 चेकबुक और 5 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही पुलिस ने अभियुक्तों के म्यूल खातों (फर्जी बैंक खातों) में जमा 5 लाख रुपये फ्रीज करा दिए हैं।

नौकरी व पैसे का लालच देकर बनवाते थे फर्जी खाते
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी प्रेम कुमार उर्फ विमल (निवासी फर्रुखाबाद) ने खुलासा किया कि वह अमित और दिनेश सिंह नामक व्यक्तियों के इशारे पर काम करता था। ये लोग आसपास के शहरों व गांवों के सीधे-साधे लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर गुमराह करते थे। इसके बाद पते और पहचान पत्र के विवरण में हेरफेर कराकर उनके नाम से विभिन्न बैंकों में फर्जी अकाउंट खुलवा लेते थे।

अन्य गिरफ्तार आरोपियों—वरुण कांत शर्मा (निवासी बदायूं) और महिला अभियुक्त ने बताया कि उन्हें हर महीने 40 से 45 हजार रुपये कमीशन का लालच देकर इस काम में जोड़ा गया था। उनका काम खातों में आई रकम को तुरंत एटीएम व चेकबुक से निकालकर अपने आकाओं तक पहुंचाना था।

टेलीग्राम और USDT के जरिए चाइनीज साइबर अपराधियों को ट्रांसफर

पूछताछ में सामने आया कि गैंग के सदस्य बैंक खातों के क्रेडेंशियल, पासबुक, एटीएम और सिम कार्ड की जानकारी टेलीग्राम के जरिए अमित व दिनेश सिंह को भेजते थे। इन खातों में साइबर ठगी की भारी-भरकम राशि आती थी, जिसे तुरंत निकालकर क्रिप्टोकरेंसी (USDT) में कन्वर्ट किया जाता था और चाइनीज साइबर अपराधियों को ट्रांसफर कर दिया जाता था।

केस दर्ज, मास्टरमाइंड की तलाश जारी

थाना हजरतगंज में मु0अ0सं0 154/2026 के तहत BNS और IT एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस उपायुक्त मध्य के निर्देशन में उप निरीक्षक इंद्रपाल सिंह फौजदार (प्रभारी साइबर मध्य जोन) और अभिनेंद्र सिंह की टीम ने इस सफल कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस अब गिरोह के मुख्य सरगना अमित व दिनेश सिंह की तलाश में जुटी है।

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