सोनभद्र के सभी थानों में पीस कमेटी की बैठकें, रमजान-रामनवमी पर सौहार्द का संदेश - दुद्धी महिला थाना की तत्परता: भटकी नाबालिग को दो दिन में परिजनों से मिलाया - अनपरा पुलिस ने एक वारण्टी अभियुक्त को किया गिरफ्तार - दुद्धी में पीस कमेटी की बैठक: रमजान-रामनवमी पर शांति-सौहार्द का आह्वान - ‘बेटियां नहीं होंगी बोझ’: FRCT ने सोनभद्र में विवाह शगुन योजना का किया सत्यापनसोनभद्र के सभी थानों में पीस कमेटी की बैठकें, रमजान-रामनवमी पर सौहार्द का संदेश - दुद्धी महिला थाना की तत्परता: भटकी नाबालिग को दो दिन में परिजनों से मिलाया - अनपरा पुलिस ने एक वारण्टी अभियुक्त को किया गिरफ्तार - दुद्धी में पीस कमेटी की बैठक: रमजान-रामनवमी पर शांति-सौहार्द का आह्वान - ‘बेटियां नहीं होंगी बोझ’: FRCT ने सोनभद्र में विवाह शगुन योजना का किया सत्यापन

डलमऊ सड़क हादसे के पीड़ितों के साथ खड़ी हुई कांग्रेस

सांसद राहुल गांधी के निर्देश पर सुशील पासी पहुँचे पीड़ित के घर, एआईसीसी सदस्य वीरेन्द्र यादव ने प्रशासनिक लापरवाही का लगाया आरोप, पांच दिन में मांगे पूरी न होने पर सड़क पर उतरेगी कांग्रेस पार्टी

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Sunday, January 18, 2026

Congress stands with the victims of Dalmau road accident

रायबरेली ब्यूरो। बीती 15 जनवरी 2026 को डलमऊ क्षेत्र में हुई सड़क दुर्घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कांग्रेस के जिला पंचायत सदस्य व एआईसीसी मेम्बर वीरेन्द्र यादव ने कहा कि डलमऊ प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण सगे भाई बहन की डंपर ट्रक से टक्कर लगने से दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई है। सोनम उम्र 21 वर्ष जो एमए की परीक्षा देकर वापस आ रही थी साथ में भाई अंकित उम्र 25 वर्ष जो परिवार के भरण पोषण का एक मात्र सहारा था। पिता स्वर्गीय रामसुमेर जो कि कैंसर जैसी भयंकर बीमारी से लड़ते हुए फ़रवरी 2021 में मौत के आगोश में चले गए थे ।

वर्तमान में परिवार में सिर्फ बीमार मां और एक छोटा भाई जिसके ऊपर से पिता और बड़े भाई का सहारा उठ गया है। दुर्घटना के दिन से वीरेंद्र यादव परिवार के दुख में उनके साथ खड़े है और सबको जान कर यह आश्चर्य होगा कि उस परिवार के पास अपना कोई घर नहीं है और खेती भी बहुत कम है। दूसरे की दीवार पर टीन शेड रखकर जीवन यापन कर रहा है। परिवार पर सरकार व ब्लाक व तहसील के अधिकारियों की नजर क्यों नहीं पड़ी जबकि परिवार लगातार अपने लिए आवास की मांग कर रहा था। लापरवाह कर्मचारियों को परिवार की पात्रता क्यों नहीं दिखाई दी? यह सरकारी व्यवस्था पर बहुत बड़ा सवाल है और सरकारी अधिकारियों की इंसानियत और मानवता भी मर चुकी है।

वीरेन्द्र यादव ने बताया कि आज पूरे 4 दिन बीत जाने के बाद भी कोई जिले व तहसील स्तर का अधिकारी उस परिवार से मिलने और स्थित देखने व दुख बांटने नहीं पहुंचा। एसडीएम तहसीलदार व बीडीओ को सूचना देने पर भी उनके अंदर का मरा हुआ इंसान नहीं जागा। केवल जनवरी में ही डलमऊ में दर्जनों मौतें सड़क दुर्घटना से हुई हैं। कई बार ज्ञापन दिया गया कि सड़क दुर्घटना से हो रही मौतों पर नो एंट्री लगाया जाए और अतिक्रमण हटाया जाए लेकिन उन्होंने असंवेदनशीलता का परिचय दिया है।

देश के नेता जननायक आदरणीय राहुल गांधी जी को घटना की पूरी जानकारी दे दी गई है और कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव सुशील पासी जी ने भी पीड़ित परिवार से मिलकर न्याय का भरोसा दिया है और दुख की घड़ी में परिवार का ठांठस भी बांधा। मैं प्रशासन को सिर्फ 5 दिन का मौका देता हूँ अगर 5 दिन में पीड़ित परिवार को पक्का मकान जमीन का पट्टा और आर्थिक सहायता नहीं दी गई तो पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर संघर्ष किया जाएगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सरकार व प्रशासन की होगी क्योंकि प्रशासन की संवेदनशीलता की वजह से ही सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं ।

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले