मुंबई (अनिल बेदाग): दक्षिण एशिया की अग्रणी एक्सप्रेस एयर और एकीकृत लॉजिस्टिक्स कंपनी ब्लू डार्ट ने समावेशी कार्यसंस्कृति की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने अपने मुख्य परिचालन और सहयोगी विभागों में 200 से अधिक दिव्यांग व्यक्तियों की नियुक्ति की है। ये कर्मचारी अब सॉर्टिंग सेंटर, कस्टमर एक्सपीरियंस, वेयरहाउसिंग और लास्ट-माइल सपोर्ट जैसी अहम भूमिकाओं में पूर्णकालिक योगदान दे रहे हैं।
ब्लू डार्ट के प्रबंध निदेशक बाल्फोर मैनुअल ने कहा, “हमारे लिए समावेशिता कोई अलग पहल नहीं, बल्कि हमारी कार्यसंस्कृति का मूल सिद्धांत है। जब दिव्यांग प्रतिभाएं मुख्य भूमिकाओं में हमारे साथ जुड़ती हैं, तो वे हमारे व्यवसाय की दिशा को और मजबूत बनाती हैं।”
यह पहल ‘सार्थक एजुकेशनल ट्रस्ट’ जैसे सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर कौशल विकास, कार्यस्थल अनुकूलन और निरंतर सहयोग के ज़रिये लागू की गई है। कंपनी ने संवेदीकरण कार्यशालाएं, सांकेतिक भाषा प्रशिक्षण और आवश्यक बुनियादी ढांचा सुधार भी शुरू किए हैं।
ब्लू डार्ट की सीएचआरओ बीना जैकब ने साझा किया, “हर भर्ती हमारे लिए प्रगति का प्रतीक है। हम सहानुभूति से आगे बढ़कर योग्यता और सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।”
वहीं, सार्थक एजुकेशनल ट्रस्ट के संस्थापक डॉ. जितेंद्र अग्रवाल ने कहा, “ब्लू डार्ट यह दिखाता है कि सच्ची समावेशिता समान अवसर, समान सम्मान और समान अपेक्षाओं से बनती है।” ब्लू डार्ट आने वाले समय में इस समावेशी यात्रा को और विस्तार देने की योजना बना रहा है।







