संवाददाता-अरविन्द कुमार
मुरादाबाद। भारतीय किसान यूनियन द्वारा आयोजित “तिरंगा यात्रा” रविवार को जिला अध्यक्ष घनेंद्र शर्मा के नेतृत्व में मुरादाबाद महानगर में शक्ति प्रदर्शन के साथ निकाली गई। यात्रा में सैकड़ों ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल और कारों का विशाल काफिला सम्मिलित रहा। हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए तहसील के समक्ष घाट रोड हाईवे पर भारी बैरिकेडिंग कर जुलूस को रोक दिया।
यात्रा का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
BKU पदाधिकारियों के अनुसार यह यात्रा एक राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य देश के गांवों, पंचायतों, ब्लॉकों, जिलों और शहरों में किसानों, कृषि श्रमिकों, औद्योगिक श्रमिकों, ग्रामीण मजदूरों, आदिवासियों, कर्मचारियों, युवाओं, महिलाओं एवं अन्य मेहनतकश तबकों की सामूहिक आवाज को मुखरित करना है। नेताओं ने 9 दिसंबर 2021 को दिल्ली की सीमाओं पर संपन्न हुए ऐतिहासिक किसान आंदोलन का स्मरण करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने उस समय डैचू, ऋण माफी, बिजली के निजीकरण को वापस लेने एवं किसानों के विरुद्ध दर्ज मुकदमों को निरस्त करने संबंधी लिखित आश्वासन दिए थे। किन्तु उन वादों का आज तक अनुपालन नहीं हुआ। साथ ही अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते को अविलंब निरस्त करने की मांग भी की गई।
यात्रा का मार्ग और प्रशासनिक हस्तक्षेप
तिरंगा यात्रा डेंटल चौराहे से प्रारंभ होकर प्रेम नगर एवं हरथला होते हुए किले की ओर अग्रसर हुई। जैसे ही काफिला तहसील के समक्ष घाट रोड हाईवे पर पहुंचा, प्रशासन द्वारा पूर्व नियोजित कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के तहत उसे अवरुद्ध कर दिया गया।
मौके पर 2 अपर जिलाधिकारी, एसडीएम सदर, एसपी सिटी, सीओ सिविल लाइन, एसओ सिविल लाइन सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने शांतिपूर्ण वार्ता के बाद ज्ञापन लेने का आश्वासन देकर स्थिति को नियंत्रित किया।
किसानों की चेतावनी
जिला अध्यक्ष घनेंद्र शर्मा ने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र अपने वादों को मूर्त रूप नहीं दिया तो BKU प्रदेशव्यापी आंदोलन को और तीव्र करेगा। उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारी आन-बान-शान का प्रतीक है और किसान देश की रीढ़ हैं। उनकी उपेक्षा राष्ट्रहित के प्रतिकूल है।कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रशासन की मुस्तैदी से किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई।






