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58 वें उर्से शराफ़ती का पोस्टर हुआ जारी

25 अगस्त को होगी उर्स की परचम कुशाई

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Wednesday, September 3, 2025

Bareli Breaking News

बरेली। दरगाह हज़रत शाह शराफ़त मियां पर “58 वें वार्षिक उर्स-ए-शराफ़ती के संबंध में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई।
दरगाह के प्रवक्ता एवं मीडिया प्रभारी हमज़ा सकलैनी ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस वर्ष 58 वाँ वार्षिक उर्स शराफ़ती होने जा रहा है, जिसकी परचम कुशाई 25 अगस्त को होगी और उर्स 1 सितम्बर से 4 सितम्बर तक मनाया जाएगा। चार दिवसीय उर्स का आयोजन दरगाह शरीफ़ पर होगा और उर्स के सभी कार्यक्रम हमेशा की तरह परंपरानुसार आयोजित होंगे।

उर्स के संबंध में पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है, पुलिस-प्रशासन की ओर से गत वर्षों की तरह इस वर्ष भी देश-विदेश के ज़ायरीन की सुरक्षा एवम् सुविधा हेतु पूर्ण सहयोग एवम् बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने का भरोसा दिलाया गया है। इसके अलावा उर्स में हर वर्ष नगर निगम, विद्युत विभाग की ओर से विशेष सहयोग और व्यवस्थाएं प्रदान की जाती रही हैं, इस वर्ष भी हम इन विभागों द्वारा पूर्ण सहयोग की मांग की हैं। हज़रत शाह सकलैन एकेडमी के सचिव हाजी लतीफ़ सकलैनी ने बताया कि उर्दू माह रबीउलअव्वल शरीफ़ की पहली तारीख़ यानि 25 अगस्त को जुलूसे परचम कुशाई से हर साल की तरह माहे ईद मीलादुन्नबी का पुरज़ोर इस्तकबाल और उर्स-ए-शराफ़ती का ऐलान किया जायेगा।

परचम कुशाई की रस्म अपने निर्धारित व परंपरागत तौर पर शान-ओ-शौकत के साथ अदा की जायेगी, परचम कुशाई में बरेली, रामपुर, शाहजहांपुर, पीलीभीत, मुरादाबाद, बदायूँ आदि ज़िलों एवं उत्तराखंड के बड़ी तादाद में अक़ीदतमंद शामिल होंगे। जुलूस हमेशा की तरह अपने तयशुदा रास्तों कच्ची मस्जिद, ब्रह्मपुरा, दीवानखाना चौक, भूड़, कोहाड़ापीर, नैनीताल रोड, कुतुबखाना, गली मनिहारान होता हुआ वापस दरगाह पर आकर संपन्न होगा, उन्होंने आगे बताया कि परचम कुशाई के बाद अगले दिन यानी 26 अगस्त से 31 अगस्त तक हमेशा की तरह हज़रत शाह सकलैन एकेडमी की जानिब से शहर के विभिन्न क्षेत्रों (मोहल्लों) में ‘जश्ने शाह शराफ़त मियां के कार्यक्रम होंगे। इसके अगले दिन से यानी 1 सितंबर से 05 सितंबर तक 58 वां उर्स-ए-शराफ़ती मनाया जाएगा। उर्स के कार्यकम 1 सितंबर को सुबह में क़ुरआन ख्वानी से उर्स का आग़ाज़ होगा और रात्रि में दरगाह पर ऑल इंडिया तरही मुशायरा होगा।
2 सितम्बर को रात्रि में दीवानखाना चौक पर मक़ामी उलमाये क़ुरान का तक़रीरी कार्यक्रम होगा,
3 सितम्बर को रात्रि में दीवानखाना चौक पर ख़ुसूसी उलमाये किराम का तक़ारीरी प्रोग्राम होगा, 4 सितम्बर को सुबह में 11 बजे कुल शरीफ़ होगा। सहायक मीडिया प्रभारी आफ़ताब सकलैनी ने बताया कि उर्स ए शराफ़ती में इस साल भी बड़ी संख्या में ज़ायरीन शिरकत करने आ रहे हैं, देश के ज़्यादातर राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश, बिहार, उड़ीसा, झारखंड, कर्नाटक, बंगाल, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तराखंड एवम् उत्तरप्रदेश के समस्त ज़िलों से बड़ी संख्या में ज़ायरीन तशरीफ़ लायेंगे, इसके अलावा बाहर के देशों से दुबई, हांगकांग, अमरीका, अफ़्रीका, कनाडा, सऊदी अरब आदि देशों से ज़ायरीन उर्स में शिरकत करेंगे।
मौलाना मुख्तार सकलैनी ने बताया कि चार रोज़ा 58 वां उर्स-ए-शराफ़ती ख़ानकाह शरीफ़ के सज्जादानशीन हज़रत अल्हाज शाह गाज़ी मियां हुज़ूर की सरपरस्ती व देख-रेख में उम्दा एहतिमाम व इन्तिज़ाम के साथ मनाया जायेगा, सभी ज़ायरीन के खाने-पीने व ठहरने का सारा इन्तिज़ाम ख़ानक़ाह शरीफ पर ही हमेशा की तरह रहेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में हमज़ा सकलैनी, मौलाना मुख्तार सकलैनी, गुलाम मुर्तज़ा सकलैनी, मौलाना रुम्मान सकलैनी, हाफ़िज़ जाने आलम सकलैनी, हाजी लतीफ सकलैनी, इंतिज़ार हुसैन, मेराज सकलैनी, आफ़ताब सकलैनी, फैसल सकलैनी, सैयद राशिद, सैयद आमिर, राशिद ख़ान,रिज़वान सकलैनी, मुशाहिद सकलैनी, सैयद मोहसिन आलम, जमील सकलैनी, आदिल सकलैनी, शावेज़ सकलैनी, निज़ाम सकलैनी, तनवीर सकलैनी, यावर सकलैनी आदि मौजूद रहे।

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