​मानवाधिकार संगठन में मची रार: पूर्व उपाध्यक्ष पर वापसी के लिए बनाया जा रहा अनैतिक दबाव - सोनभद्र: ब्लैक आउट मॉक ड्रिल से परखी गई आपदा प्रबंधन की तैयारियां - ​सोनभद्र: विण्ढमगंज पुलिस ने नाकाम की गोवंश तस्करी की बड़ी साजिश, पिकअप समेत तस्कर गिरफ्तार - अनपरा पुलिस व साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई, साइबर फ्रॉड पीड़ित को ₹10 हजार की राशि वापस - सोनभद्र पुलिस की नई पहल: ‘पुलिस सतर्क मित्र’ से अब हर नागरिक बनेगा सुरक्षा का भागीदार​मानवाधिकार संगठन में मची रार: पूर्व उपाध्यक्ष पर वापसी के लिए बनाया जा रहा अनैतिक दबाव - सोनभद्र: ब्लैक आउट मॉक ड्रिल से परखी गई आपदा प्रबंधन की तैयारियां - ​सोनभद्र: विण्ढमगंज पुलिस ने नाकाम की गोवंश तस्करी की बड़ी साजिश, पिकअप समेत तस्कर गिरफ्तार - अनपरा पुलिस व साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई, साइबर फ्रॉड पीड़ित को ₹10 हजार की राशि वापस - सोनभद्र पुलिस की नई पहल: ‘पुलिस सतर्क मित्र’ से अब हर नागरिक बनेगा सुरक्षा का भागीदार

आईवीआरआई में विश्व जूनोटिक दिवस-2025 का आयोजन

( दैनिक अयोध्या टाइम्स)बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), इज्जतनगर में विश्व जूनोटिक दिवस-2025 के अवसर पर संस्थान के सफाई कर्मचारियों हेतु जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पशु जनस्वास्थ्य विभाग तथा जीवाणुविज्ञान एवं कवकविज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों एवं छात्रों द्वारा कार्यक्रम आयोजित

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Sunday, July 6, 2025

( दैनिक अयोध्या टाइम्स)
बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), इज्जतनगर में विश्व जूनोटिक दिवस-2025 के अवसर पर संस्थान के सफाई कर्मचारियों हेतु जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पशु जनस्वास्थ्य विभाग तथा जीवाणुविज्ञान एवं कवकविज्ञान विभाग के वैज्ञानिकों एवं छात्रों द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व ‘वन हेल्थ’ कार्यक्रमों के समन्वयक डॉ. पी. दंडपत द्वारा किया गया, जिनके साथ डॉ. हिमानी धांजे और डॉ. एम. सुमन कुमार (वैज्ञानिक, वीपीएच डिवीजन) भी उपस्थित रहे।
डॉ. हिमानी धांजे ने जूनोटिक रोग रेबीज तथा मच्छर जनित रोगों जैसे डेंगू और जापानी इंसेफेलाइटिस पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि रेबीज एक घातक रोग है, जिसका कोई निश्चित इलाज नहीं है और लक्षण प्रकट होने के बाद यह सदैव घातक होता है। अतः रोकथाम के लिए टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सफाई कर्मचारियों को स्वच्छता, कचरा प्रबंधन एवं स्वच्छ परिवेश बनाए रखने के महत्व पर बल दिया, जिससे संक्रमित जानवरों की उपस्थिति कम हो सके और रोगों का संक्रमण रोका जा सके। साथ ही मच्छर जनित रोगों से बचाव के उपायों पर भी प्रकाश डाला गया।
डॉ. पी. दंडपत ने भोजन एवं जल जनित रोगों से बचाव हेतु हाथ धोने की आदत और सुरक्षित पेयजल के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने रेबीज से संबंधित मृत्यु के कुछ अध्ययन भी साझा किए। इसके उपरांत डॉ. एम. सुमन कुमार ने रेबीज टीकाकरण से संबंधित कर्मचारियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
इस जागरूकता कार्यक्रम से कुल 40 सफाई कर्मचारी लाभान्वित हुए। कार्यक्रम के अंत में सभी कर्मचारियों को कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु स्वच्छता सूट वितरित किए गए, जिससे उन्हें व्यावसायिक जोखिमों से बचाया जा सके।

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले