सिविल डिफेन्स सोनभद्र की निष्क्रियता पर उठे सवाल, वार्डनों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन - शहर कांग्रेस कमेटी की मासिक बैठक तिलक भवन में हुई सम्पन्न - विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर एम्स द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को खाद्य अपमिश्रण की पहचान हेतु दिया गया प्रशिक्षण - पौआखाली में विकास के दावों पर जलजमाव का ग्रहण, सीमलबाड़ी मार्ग बना परेशानी का कारण - भारतीय जनता पार्टी के 12 वर्ष पुर्ण होने पर यहां जनसंपर्क एवं जनकल्याणसिविल डिफेन्स सोनभद्र की निष्क्रियता पर उठे सवाल, वार्डनों ने जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन - शहर कांग्रेस कमेटी की मासिक बैठक तिलक भवन में हुई सम्पन्न - विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर एम्स द्वारा आशा कार्यकर्ताओं को खाद्य अपमिश्रण की पहचान हेतु दिया गया प्रशिक्षण - पौआखाली में विकास के दावों पर जलजमाव का ग्रहण, सीमलबाड़ी मार्ग बना परेशानी का कारण - भारतीय जनता पार्टी के 12 वर्ष पुर्ण होने पर यहां जनसंपर्क एवं जनकल्याण

प्राकृतिक खेती क्लस्टर जागरुकता अभियान में किसानों को जीवामृत बनाने की दी गई जानकारी

ग्राम पंचायत विरैतापाल्हीपुर बुंदा का में प्राकृतिक खेती क्लस्टर जागरूकता अभियान. के तहत गोष्ठी का आयोजन

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Sunday, August 31, 2025

Natural Farming Cluster Awareness Campaign

रिपोर्ट गुरु प्रसाद पांडे जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत . विकासखंड दोस्तपुर ग्राम पंचायत विरैतापाल्हीपुर बुंदा का में प्राकृतिक खेती क्लस्टर जागरूकता अभियान. के तहत गोष्ठी का आयोजन किया गया |

किसानों को जीवामृत बनाने व उपयोग की जानकारियां

इस कार्यक्रम में बी टी एस राम अकबाल वर्मा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा की किसान भाइयों जीवामृत बनाने के लिए गोबर. गुड. दाल का बेसन .गोमूत्र. पीपल .या बरगद .के पेड़ के नीचे की मिट्टी. की आवश्यकता होती है | सारी चीजों को मिलाकर ड्रम में बनाया जाता है | सब कुछ मिलने के बाद किसी डंडे की सहायता से घड़ी की सुई की दिशा में सुबह शाम चलाया जाता है | यह 48 घंटे में खेत में डालने योग्य तैयार हो जाता है. खेत में डालने के लिए पानी के साथ डाला जाता है |ताकि यह पानी के साथ पूरे खेत में फैल जाए |

जीवामृत से लाभ

जीवामृत का यह काम है. जो हमारे मित्र जीवाणु मिट्टी में सुसुकता अवस्था में पड़े हैं | वह जीवामृत से जागृत होंगे और फसलों को पोषक तत्व देने में अपना पूरा सहयोग देंगे | इस तरह से किसानों को रासायनिक खाद से छुटकारा मिल सकता है | साथ ही साथ यह भी बताया गया | की जो चयनित किसानों का अनुदान डीबीटी के माध्यम से किसानों के खाते में पहुंच जाएगा जीवामृत बनाने के लिए सरकार द्वारा ₹2000 का अनुदान दिया जा रहा है | जिसमें 220 लीटर का ड्रम. 15 लीटर की बाल्टी. एक मग .और छलनी किसानों को दिया जाएगा. मौके पर किसानों को कृषि विभाग द्वारा समोसे और मिठाइयां निशुल्क दिया गया है |

कर्मचारी व किसान मौजूद

बी टी एस राम अकबाल वर्मा, अनिल कुमार ए टी एम कृष्ण कुमार. सिंह हरिओम सहायक. रवि मौर्या प्राविधिक सहायक .काशी नरेश सिंह. दुखहरन वर्मा संजय वर्मा. आदि भारी संख्या में सम्मानित किसान मौजूद रहे |

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले