हापुड़/बाबूगढ़। बिना लाइसेंस के मिलावटी क्रीम बनाने की सूचना पर सोमवार की शाम खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों की टीम ने कुचेसर रोड चौपला के गांव फतेहपुर में एक मकान पर छापा मारा। टीम ने कई ड्रम में तैयार और कार में पैक कर रखी गई 1.43 लाख रुपये कीमत की करीब 955 किलोग्राम क्रीम को बरामद कर नष्ट कराया है। क्रीम के दो और वनस्पति घी का एक नमूना जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।

सहायक आयुक्त चंद्रशेखर मिश्रा ने बताया कि गांव फतेहपुर स्थित एक मकान में गांव बनखंडा निवासी तुषार शर्मा मिलावटी क्रीम बना रहा था। सूचना पर छापा मारा गया। यह क्रीम रिफाइंड, स्प्रेता दही व अल्प मात्रा में असली क्रीम मिलाकर तैयार की जा रही थी। इसका उपयोग देशी घी बनाने व बटर के रूप में किया जाता है।
टीम ने सभी मिलावटी क्रीम को नष्ट करा दिया है। उन्होंने बताया कि मकान में बिना खाद्य लाइसेंस के यह कार्य संचालित था। इस कार्य को तत्काल मौके पर ही बंद कराया गया है। साथ ही इस प्रतिष्ठान स्वामी के विरुद्ध बिना खाद्य लाइसेंस के कारोबार का संचालन करने के मामले में न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा।
कार्रवाई में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी पंकज कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरपी गंगवार, सोवेंद्र सिंह पंघाल, सहरिश सादात, मोहित कुमार, आरपी गुप्ता और विपिन कुमार सिंह आदि शामिल रहे। सीएचसी में तैनात चिकित्सक डॉ. अशरफ ने बताया कि रिफाइंड और दही से बनी क्रीम स्वास्थ्य के लिए बहुत अधिक खतरनाक है। इसे खाने से पेट संबंधी और अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
27 जून को लिए नमूने की रिपोर्ट भी आई फेल, मुकदमा दर्ज
सहायक आयुक्त ने बताया कि इसी वर्ष 27 जून को भी गांव बनखंडा निवासी तुषार शर्मा की डेयरी पर छापा मारकर 150 किलोग्राम मिलावटी क्रीम पकड़कर उसे गड्ढा कराकर नष्ट करा दिया था। टीम ने क्रीम, दही और एक रिफाइंड का नमूना जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। यह नमूने जांच में फेल आए हैं। इस मामले में न्यायालय में वाद दायर किया गया है। इसके बाद भी तुषार शर्मा कार्रवाई से न डरकर अब गांव फतेहपुर में मिलावटी क्रीम बना रहा था। इस मामले में भी विभाग सख्त कार्रवाई कर रहा है।पूरी रात रेकी के बाद मिली सफलताकार्रवाई से पहले करीब 24 घंटे तक विभागीय अधिकारियों की टीम ने गांव में रेकी की। जिस मकान में मिलावटी क्रीम बनाई जा रही है, उस पर रविवार की पूरी रात नजर रखी गई। क्रीम बनाने के लिए सामग्री लाने, कहां-कहां आपूर्ति हो रही और गांव के अन्य लोगों के शामिल होने की जानकारी टीम ने जुटाई है। सहायक आयुक्त के अनुसार, इस क्रीम को बुलंदशहर, अमरोहा, मेरठ, बागपत, बिजनौर और गाजियाबाद जैसे जिलों में बाइक और कारों के माध्यम से आपूर्ति की जा रही है।




