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ताले में कैद ग्राम पंचायत सथरा का पंचायत घर, लाखों की इमारत बनी ‘सफेद हाथी

ताले में बंद पंचायत भवन पर उठे सवाल, ग्रामीणों को नहीं मिल रहा सरकारी सुविधाओं का लाभ

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Sunday, August 9, 2026

फर्रुखाबाद, 09 अगस्त।

विकासखंड राजेपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत सथरा में सरकारी धन के दुरुपयोग और प्रशासनिक लापरवाही की एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। लाखों रुपये की लागत से बना पंचायत घर, जो ग्रामीणों के लिए सुविधा केंद्र होना चाहिए था, आज पूरी तरह उपेक्षित होकर ‘सफेद हाथी’ साबित हो रहा है। निर्माण के बाद से ही यह भवन लगातार ताले में बंद पड़ा है, जिससे ग्रामीणों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा।

कंटीले तारों के बीच कैद पंचायत भवन पहुंचना भी मुश्किल

स्थानीय निवासी अजय पांडे के अनुसार पंचायत घर की स्थिति बेहद विचित्र है। भवन चारों ओर खेतों से घिरा हुआ है और खेतों की मेड़ों पर कंटीले तारों की फेंसिंग कर दी गई है। ऐसे में आम ग्रामीणों के लिए पंचायत घर तक पहुंचना लगभग असंभव हो गया है। न तो वहां कोई रास्ता है और न ही किसी प्रकार की सार्वजनिक सुविधा उपलब्ध है।

निजी उपयोग के आरोप, फसल सुखाने के लिए खुलता है ताला

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत भवन का उपयोग सरकारी कार्यों के बजाय निजी कार्यों में किया जा रहा है। उनका कहना है कि जब ग्राम प्रधान मक्का की फसल काटते हैं, तभी भवन का ताला खोला जाता है और उसमें अनाज सुखाया जाता है। फसल हटने के बाद भवन को दोबारा बंद कर दिया जाता है। बाकी समय पंचायत घर पूरी तरह बंद और बेकार पड़ा रहता है।

जिम्मेदारों से संपर्क नहीं, फोन रहे ‘आउट ऑफ रीच

मामले में ग्राम प्रधान प्रतिभा सिंह और पंचायत सचिव राजीव सुमन से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन दोनों के मोबाइल फोन ‘आउट ऑफ रीच’ बताते रहे। इससे प्रशासनिक जवाबदेही पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

ग्रामीणों की मांग: जांच हो और बने रास्ता

गांव के लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पंचायत भवन तक पहुंचने के लिए तत्काल पक्का रास्ता बनाया जाए और भवन को नियमित रूप से खोलकर उसमें ग्राम पंचायत अधिकारी या सहायक की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही, सरकारी संपत्ति के निजी उपयोग और उपेक्षा की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।

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