फर्रुखाबाद।जिले में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद यह 137 सेंटीमीटर पर पहुंच गया है। वर्तमान में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 35 सेंटीमीटर ऊपर और खतरे के निशान से महज 10 सेंटीमीटर नीचे बह रहा है।

प्रशासन अलर्ट, राहत कार्य शुरू
गंगा के बढ़ते जलस्तर से जिले के करीब 30 गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जिससे तटवर्ती इलाकों के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 180 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर बनाए गए बाढ़ शरणालयों में पहुंचा दिया है। बाढ़ के पानी के कारण बदायूं-फर्रुखाबाद स्टेट हाईवे और शमशाबाद-शाहजहांपुर मार्ग पर पानी भर जाने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पंचालघाट पर चेतावनी बिंदु 136.60 सेंटीमीटर निर्धारित है। वर्तमान में पक्के घाट की केवल दो सीढ़ियां ही दिखाई दे रही हैं, जबकि चार सीढ़ियां गंगा के पानी में डूब चुकी हैं।
बांधों से छोड़ा गया पानी:
अधिकारियों के अनुसार, नरौरा बांध से गंगा नदी में 1,24,173 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिससे आने वाले समय में जलस्तर और अधिक बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। वहीं दूसरी ओर रामगंगा नदी का जलस्तर फिलहाल स्थिर बना हुआ है। इसमें खो बैराज से 470 क्यूसेक, रामनगर बैराज से 351 क्यूसेक और हरेली बैराज से 123 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
प्रशासन की चेतावनी:
संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने राहत और बचाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रशासन लगातार जलस्तर की गहन निगरानी कर रहा है और तटवर्ती क्षेत्रों के नागरिकों को पूरी तरह सतर्क रहने की सलाह दी गई है।



