दैनिक अयोध्या टाइम्स, गाजियाबाद
कवि नगर थाना क्षेत्र के गोविंदपुरम स्थित बालाजी एनक्लेव में 10 वर्षीय मासूम बच्चे के साथ कथित अश्लील हरकत का मामला सामने आने से इलाके में सनसनी फैल गई। पीड़ित परिवार ने पड़ोस में रहने वाले *विनोद निगम* पर गंभीर आरोप लगाते हुए कवि नगर थाने में लिखित तहरीर दी है। परिवार ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट समेत संबंधित धाराओं में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अकेले बुलाने का आरोप, धमकी देकर चुप कराने का दावा
पीड़ित परिवार बालाजी एनक्लेव की गली नंबर-13 में रहता है। परिजनों का आरोप है कि आरोपी भी उसी गली में रहता है और बच्चे को पहले से जानता था। परिवार के मुताबिक आरोपी कई बार बच्चे को बहाने से अपने पास अकेले बुलाता था। आरोप है कि इसी दौरान उसके साथ कथित अश्लील हरकत की गई और गाली-गलौज भी की गई।परिजनों का कहना है कि बच्चा डर और दहशत के कारण शुरुआत में चुप रहा। परिवार के मुताबिक आरोपी ने कथित तौर पर बच्चे को धमकाया था कि यदि उसने घर पर किसी को बताया तो उसे और उसके परिवार को नुकसान पहुंचाया जाएगा।
व्यवहार बदला तो परिजनों को हुआ शक, रोते हुए बताई बात
परिजनों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से बच्चे के व्यवहार में बदलाव दिखाई दे रहा था। परिवार ने जब बच्चे से प्यार और भरोसे के साथ बातचीत की तो उसने कथित घटना के बारे में जानकारी दी। परिजनों का दावा है कि बच्चा इस दौरान काफी डरा और सहमा हुआ था।बच्चे की बात सामने आने के बाद परिवार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कवि नगर थाने का रुख किया और आरोपी के खिलाफ लिखित तहरीर सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
पोक्सो एक्ट में कार्रवाई की मांग
तहरीर में पीड़ित परिवार ने आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट और बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। परिवार ने आरोपी की गिरफ्तारी के साथ ही बच्चे की सुरक्षा और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग की है।घटना की जानकारी सामने आने के बाद बालाजी एनक्लेव और आसपास के इलाके में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
मासूमों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों को रोकने के लिए पोक्सो कानून बनाया गया है। ऐसे मामलों में पीड़ित बच्चे की पहचान सार्वजनिक न करना और उसकी गरिमा एवं निजता की रक्षा करना बेहद महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों के मुताबिक अभिभावकों को बच्चों के साथ दोस्ताना संवाद रखना चाहिए और उन्हें उम्र के अनुरूप गुड टच-बैड टच’ के बारे में जागरूक करना चाहिए, ताकि बच्चा किसी भी असहज स्थिति में बिना डर के अपने परिजनों को जानकारी दे सके।
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
फिलहाल पीड़ित परिवार ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। आरोपी पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। पीड़ित परिवार को अब पुलिस से न्याय और बच्चे को सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।





