फर्रुखाबाद। जनपद के थाना नवाबगंज क्षेत्र में बाइक सवार ठगों और जेबकतरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। दिनदहाड़े होने वाली इन वारदातों से इलाके के किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों में भारी दहशत का माहौल है। ताजा मामले में बदमाशों ने एक किसान को अपनी ठगी का शिकार बनाते हुए उसकी जेब से 20,400 रुपये उड़ा लिए। हैरान करने वाली बात यह है कि घटना की लिखित तहरीर देने के बावजूद नवाबगंज पुलिस मामले को दबाने में जुटी है और उच्चाधिकारियों को गुमराह करने के लिए झूठी रिपोर्ट भेजी जा रही है कि मुझे पीड़ित से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।

क्या है पूरा मामला?
पीड़ित के अनुसार जनपद के थाना नवाबगंज के गांव कक्युली निवासी राकेश गुरुवार सुबह करीब 11 बजे किसी आवश्यक कार्य से नवाबगंज बाजार आए थे। वह नवाबगंज तिराहा स्थित राजेंद्र की गल्ला आढ़त के पास खड़े थे, तभी एक बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक उनके पास पहुंचे। बदमाशों ने शातिर तरीके से पहले अलाहदासपुर का रास्ता पूछने का नाटक किया और बातचीत के दौरान राकेश से उनकी मंजिल पूछी। जब राकेश ने खाद की दुकान तक जाने की बात कही, तो आरोपियों ने उन्हें अपनी बाइक पर लिफ्ट देने का झांसा दिया। भरोसे में आकर राकेश बाइक पर बैठ गए। लेकिन जैसे ही वे खाद की दुकान से आगे निकले और राकेश ने उतरने के लिए बाइक रोकने को कहा, बदमाशों ने वाहन की रफ्तार और बढ़ा दी। नगर के सर्वेश गेस्ट हाउस के आगे बदमाशों ने उन्हे बाइक से उतारा और रफूचक्कर हो गए। जब राकेश ने अपनी पैंट की जेब टटोली तो वह फटी हुई मिली, और जेब में रखे 20,400 रुपये गायब थे। पीड़ित के शोर मचाने पर आसपास के लोग इकट्ठा हुए, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे।
पुलिस पर गंभीर आरोप, तहरीर देने के बाद भी उच्चाधिकारियों को दी जा रही झूठी सूचना
घटना के तुरंत बाद पीड़ित राकेश ने नवाबगंज थाने पहुंचकर आपबीती सुनाई और पुलिस को लिखित तहरीर दी। इसके बावजूद स्थानीय पुलिस की संवेदनहीनता और लापरवाही की पोल तब खुली जब यह बात सामने आई कि थाना पुलिस ने मामले को रफा-दफा करने के लिए अपने उच्चाधिकारियों को गुमराह किया है। पुलिस ने उच्चाधिकारियों को झूठी सूचना दी है कि “पीड़ित द्वारा थाने में कोई तहरीर नहीं दी गई है”, जबकि सच्चाई यह है कि पीड़ित ने घटना वाले दिन ही थाने में लिखित तहरीर दे दी थी।
स्थानीय लोगों में आक्रोश, पुलिस की सक्रियता पर सवाल
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब नवाबगंज पुलिस ने अपनी नाकामी छुपाने के लिए उच्चाधिकारियों को भ्रामक या झूठी जानकारी दी हो। पूर्व में भी ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन पुलिस की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं हुआ है। पीड़ित खुद सीसीटीवी चेक करने में लगा हुआ है। पुलिस नहीं दे रही है साथ।बढ़ता अपराध: दिनदहाड़े हो रही इन वारदातों से ग्रामीणों और व्यापारियों में भारी असुरक्षा की भावना है।
पुलिस की कार्यप्रणाली:
मामलों को ठंडे बस्ते में डालने और उच्चाधिकारियों को गुमराह करने से बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। बड़ा सवाल: जब पीड़ित थाने में लिखित शिकायत दर्ज करा चुका है, तो थाना पुलिस उच्चाधिकारियों को लगातार झूठी सूचना क्यों दे रही है और ऐसे लापरवाह कर्मियों पर उच्चाधिकारी मौन क्यों हैं?इलाके की जनता ने उच्चाधिकारियों से इस मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और क्षेत्र में सक्रिय ठग गिरोह का जल्द खुलासा करने की मांग की है।





