डिजिटल इंडिया ने भारत को विश्व में नई पहचान दिलाई, सीएससी डिजिटल क्रांति के वास्तविक सूत्रधार : वित्त मंत्री ओपी चौधरी - पांचालघाट की सुरक्षा व्यवस्था पर एडीजी-दिग ने कसा शिकंजा लापरवाही पर सख्त निर्देश - गैस एजेंसी संचालिका को दबंगों ने दी धमकी और कर्मियों से मारपीट - अमावां स्थित झारखंडेश्वर धाम में सावन में साधना को उमड़े श्रद्धालु - अधिवक्ताओं के हितों से समझौता नहीं - सुरेश चन्द्र यादवडिजिटल इंडिया ने भारत को विश्व में नई पहचान दिलाई, सीएससी डिजिटल क्रांति के वास्तविक सूत्रधार : वित्त मंत्री ओपी चौधरी - पांचालघाट की सुरक्षा व्यवस्था पर एडीजी-दिग ने कसा शिकंजा लापरवाही पर सख्त निर्देश - गैस एजेंसी संचालिका को दबंगों ने दी धमकी और कर्मियों से मारपीट - अमावां स्थित झारखंडेश्वर धाम में सावन में साधना को उमड़े श्रद्धालु - अधिवक्ताओं के हितों से समझौता नहीं - सुरेश चन्द्र यादव

मानव और बाल तस्करी रोकने के लिए प्रशासन सख्त

विकास भवन में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Friday, July 31, 2026

फर्रुखाबाद। जनपद में मानव तस्करी और बाल तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से शुक्रवार को विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय रिव्यू कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया और वर्तमान सुरक्षा एवं रोकथाम की स्थिति की समीक्षा की।

मुख्य विकास अधिकारी के कड़े निर्देश:

बढ़ाए जाएं रेस्क्यू अभियान सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तस्करी की घटनाओं पर पूर्ण विराम लगाने के लिए रेस्क्यू अभियानों की संख्या में तेजी लाई जाए।

संवेदनशील क्षेत्रों का चिन्हांकन

तस्करी के लिहाज से संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां नियमित रूप से विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया। संयुक्त छापेमारी श्रम विभाग, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट और जिला प्रोबेशन अधिकारी की संयुक्त टीमें बनाकर ढाबों, होटलों, दुकानों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर औचक छापेमारी करने के निर्देश दिए गए, ताकि बाल श्रम और बाल तस्करी के मामलों की तह तक पहुँचकर जांच की जा सके।

बसों की होगी सघन जांच

एआरटीओ को विशेष निर्देश दिए गए कि अन्य जनपदों से बसों के माध्यम से बच्चों को लाकर अवैध रूप से काम पर लगाए जाने की आशंका को देखते हुए यात्री बसों की नियमित और सघन चेकिंग की जाए। बैठक में सीनियर अभियोजन अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, एआरटीओ, सहायक श्रमायुक्त और जिला विद्यालय निरीक्षक सहित कई अन्य प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन के इस रुख से बाल श्रम और मानव तस्करी से जुड़े तत्वों में हड़कंप मच गया है।

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले