अनिरुद्ध सिंह जर्नलिस्ट
पीलीभीत। भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने एसडीएम न्यायिक को मंगलवार को सौंपा ज्ञापन। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) जनपद पीलीभीत के पदाधिकारियों एवं किसानों ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में राष्ट्रपति महोदया के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम न्यायिक को सौंपा। ज्ञापन सौंपने के उपरांत जिला अध्यक्ष गुरदीप सिंह गोगी की अध्यक्षता में किसान भवन में मासिक पंचायत आयोजित की गई। पंचायत प्रारंभ होने से पूर्व गुरदीप सिंह गोगी ने किसान भवन परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया तथा सभी किसानों से अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।
मंडल अध्यक्ष सतविंदर सिंह कहलो ने कहा—”भारत-अमेरिका ट्रेड डील किसानों के हितों के खिलाफ है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से संघर्ष करेगी। यदि संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व से कोई भी निर्देश प्राप्त होता है, तो जनपद पीलीभीत का किसान हर संघर्ष में सबसे आगे रहकर अपनी भागीदारी निभाएगा। हमें विश्वास है कि किसान एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई जीतेंगे।”पंचायत में मंडल अध्यक्ष सतविंदर सिंह कहलो मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस अवसर पर प्रदेश सचिव वेद प्रकाश शर्मा, प्रदेश सचिव स्वराज सिंह सिद्धू, वरिष्ठ मंडल उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष प्यारेलाल वर्मा, जिला मीडिया प्रभारी गुरजीत सिंह, जिला उपाध्यक्ष दिलशाद दशरथ ठाकुर जिला उपाध्यक्ष भारत सिंह राजा जिला सचिव मुन्ना गौतम, महेश चंद्र वर्मा संतोष यादव महेंद्र कुमार वीरपाल राजपूत बीसलपुर बाबा कृष्ण लाल निजामुद्दीन गाजी तहसील अध्यक्ष कलीनगर निजाम खान नन्हेंलाल वर्मा ओम प्रकाश रेहान अंसारी नगर अध्यक्ष इकराम मंसूरी जिला उपाध्यक्ष रेहान अंसारी जिला उपाध्यक्ष अशरफ अली सहित बड़ी संख्या में किसान एवं संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
पंचायत में भारत-अमेरिका ट्रेड डील को किसान विरोधी बताते हुए सरकार से इसे वापस लेने, किसानों को एमएसपी की कानूनी गारंटी देने, गन्ना भुगतान, कृषि ऋण माफी, आवारा पशुओं की समस्या, सिंचाई, बिजली तथा अन्य किसान हितों से जुड़े मुद्दों का शीघ्र समाधान करने की मांग की गई। जिला अध्यक्ष गुरदीप सिंह गोगी ने कहा कि यदि किसानों की मांगों की अनदेखी की गई तो भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) किसानों के हित में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और तेज करेगी।






