पुलिस ने युवक की हत्या का किया खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त छुरी व मूसली बरामद - न्यायालय से लौट रही महिला ने लगाया पति, जेट, अन्य लोगों पर मारपीट,धमकी देने का आरोप, पुलिस से मांगी सुरक्षा - गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय - छत्तीसगढ़ पर्यटन विकास को मिलेगी नई गति, पर्यटन मंडल की 38 वीं संचालक मंडल बैठक में बनी रणनीति - शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की नींव - राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मापुलिस ने युवक की हत्या का किया खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त छुरी व मूसली बरामद - न्यायालय से लौट रही महिला ने लगाया पति, जेट, अन्य लोगों पर मारपीट,धमकी देने का आरोप, पुलिस से मांगी सुरक्षा - गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय - छत्तीसगढ़ पर्यटन विकास को मिलेगी नई गति, पर्यटन मंडल की 38 वीं संचालक मंडल बैठक में बनी रणनीति - शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की नींव - राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा

ऑपरेशन में देरी से गर्भ में नवजात की मौत होने का गंभीर आरोप।

रकम न देने पर प्रसूता को अस्पताल में रोकने और धमकाने का आरोप

EDITED BY: DAT ब्यूरो चीफ

UPDATED: Monday, July 20, 2026

पूरनपुर । तहसील क्षेत्र के ग्राम फत्तेहपुर खुर्द निवासी अंकित राठौर ने पूरनपुर स्थित कल्पना हॉस्पिटल के डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन पर डिलीवरी के दौरान गंभीर लापरवाही बरतने, नवजात शिशु की मौत होने, अतिरिक्त धन की मांग करने तथा मरीज को अस्पताल में रोककर रखने के आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पूरनपुर के प्रभारी और थाना पूरनपुर में शिकायती पत्र देकर निष्पक्ष जांच एवं कठोर कार्रवाई की मांग की है।


शिकायत के अनुसार, 16 जुलाई की सुबह करीब 8 बजे अंकित राठौर अपनी गर्भवती पत्नी रितु को गांव की आशा कार्यकर्ता मुन्नी के कहने पर पूरनपुर स्थित कल्पना हॉस्पिटल में भर्ती कराने पहुंचे। आरोप है कि अस्पताल में समय पर उपचार और आवश्यक ऑपरेशन नहीं किया गया। पीड़ित का कहना है कि यदि समय रहते सिजेरियन ऑपरेशन किया जाता तो नवजात की जान बच सकती थी, लेकिन शाम करीब 4 बजे ऑपरेशन होने तक बहुत देर हो चुकी थी और नवजात मौत से
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि ऑपरेशन के दौरान उनकी पत्नी को एनेस्थीसिया का इंजेक्शन दोबारा लगाया गया। उनका कहना है कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण ही उनके परिवार को यह अपूरणीय क्षति उठानी पड़ी।


शिकायत में यह भी कहा गया है कि अस्पताल प्रशासन ने पहले ही इलाज के नाम पर 20 हजार रुपये जमा करा लिए थे, लेकिन बाद में 24 हजार रुपये अतिरिक्त जमा करने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि अतिरिक्त राशि देने में असमर्थता जताने पर अस्पताल कर्मियों ने गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी और मरीज को अस्पताल से छुट्टी देने से भी इनकार कर दिया।
पीड़ित अंकित राठौर ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर अस्पताल संचालक और संबंधित चिकित्सक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की ओर से जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले