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जर्जर विद्यालय भवन बना खतरा छत से गिर रहा मलबा, टपकने पानी के बीच पढाई को मजबूर 230 छात्र

शासकीय उच्चर माध्यमिक विद्यालय कांसा के प्रथम तल के कमरे असुरक्षित, प्राचार्य ने कई बार प्रशासन को दी सूचना, नए भवन की मांग तेज

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Saturday, July 18, 2026

पुलकित दास महंत प्रदेश स्टेट प्रभारी छत्तीसगढ़ दैनिक अयोध्या टाइम्स समाचार पत्र

डभरा (सक्ती)। विकासखंड डभरा अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कांसा का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है। भवन की छत से लगातार सीमेंट और कंक्रीट का मलबा गिर रहा है, वहीं बारिश के दौरान छत से पानी टपकने के कारण दीवारों में भी दरारें आ गई हैं। ऐसे में विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हो गई है।

विद्यालय के प्राचार्य पी. पी. कुजूर ने बताया कि विद्यालय में कक्षा 9वीं से 12वीं तक कुल 230 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। प्रथम तल के सभी अतिरिक्त कक्षों की छत जर्जर होने के कारण उन्हें उपयोग के लिए बंद करना पड़ा है। वर्तमान में विद्यार्थियों को प्रथम तल के बजाय नीचे उपलब्ध केवल तीन कमरों में दो पालियों में पढ़ाया जा रहा है, जिससे पढ़ाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है और विद्यार्थियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

प्राचार्य ने बताया कि विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) तथा जनपद पंचायत को मौखिक और लिखित रूप से कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक भवन के संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

विद्यालय प्रबंधन ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते भवन की मरम्मत अथवा नए भवन का निर्माण नहीं कराया गया, तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। विद्यालय परिवार एवं ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा और बेहतर शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए शीघ्र नए विद्यालय भवन का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई बिना किसी बाधा के सुरक्षित वातावरण में संचालित हो सके।

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