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पत्रकारों का अपमान या अभिव्यक्ति की आजादी? नेबुआ नौरंगिया थाने में ज्ञापन के बाद पुलिस पर उठे बड़े सवाल…

कुशीनगर। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकारों के सम्मान पर कथित तौर पर सोशल मीडिया के जरिए हमला होने का आरोप लगा है। इस मामले को लेकर पूर्वांचल जर्नलिस्ट प्रेस क्लब की तहसील इकाई खड्डा के पत्रकारों ने नेबुआ नौरंगिया थाने पहुंचकर थाना प्रभारी को

EDITED BY: Ground Reporter

UPDATED: Sunday, July 12, 2026

कुशीनगर। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ कहे जाने वाले पत्रकारों के सम्मान पर कथित तौर पर सोशल मीडिया के जरिए हमला होने का आरोप लगा है। इस मामले को लेकर पूर्वांचल जर्नलिस्ट प्रेस क्लब की तहसील इकाई खड्डा के पत्रकारों ने नेबुआ नौरंगिया थाने पहुंचकर थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा और कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही की मांग की।

पत्रकारों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को किसी खबर या पत्रकार से आपत्ति है तो उसके लिए कानून का रास्ता खुला है, लेकिन सोशल मीडिया पर कथित रूप से अपमानजनक भाषा और अभद्र टिप्पणी करना न केवल पत्रकारों का मनोबल गिराने का प्रयास है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी सवाल खड़े करता है।अब सबसे बड़ा सवाल सरकार और प्रशासन से है। आखिर पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान को लेकर ठोस व्यवस्था कब बनेगी? आए दिन पत्रकारों को धमकियां, अभद्र टिप्पणियां और हमलों का सामना करना पड़ता है, लेकिन कार्यवाही अक्सर धीमी नजर आती है। क्या केवल ज्ञापन देना ही पत्रकारों की मजबूरी बनकर रह जाएगा?

वहीं पुलिस की कार्यशैली भी अब जांच के दायरे में है। पत्रकारों ने स्पष्ट रूप से निष्पक्ष जांच और विधिक कार्यवाही की मांग की है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेती है। क्या आरोपी की पहचान कर उसके खिलाफ समयबद्ध कार्यवाही होगी, या फिर मामला केवल कागजों तक सीमित रह जाएगा?पत्रकार संगठनों का कहना है कि यदि इस तरह की कथित घटनाओं पर प्रभावी कार्यवाही नहीं हुई तो इससे असामाजिक तत्वों का मनोबल बढ़ सकता है और भविष्य में पत्रकारों के खिलाफ ऐसे मामले बढ़ने की आशंका रहेगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरान महेश श्रीवास्तव, राशिद बिल्लाह, असलम अली, अनिल कुमार सिंह, जितेंद्र कुमार भारती, राम औवतार प्रजापति, राजेश कुशवाहा, मुस्लिम अंसारी, खुशबुद्दीन अंसारी, रंजीत चौधरी, विनय सहानी, अमन तिवारी, लकमुद्दीन अंसारी, अजय शर्मा, नौसर अंसारी और नीलेश कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।अब निगाहें पुलिस की जांच और आगे की कार्यवाही पर टिकी हैं। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्यवाही की अपेक्षा की जा रही है। इस मामले में सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी को लेकर आरोप लगाए गए हैं। संबंधित व्यक्ति का पक्ष और पुलिस जांच के निष्कर्ष अभी सामने आना बाकी हैं। इसलिए अंतिम तथ्य जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।

जिला प्रभारी / मान्धाता कुशवाहा

दैनिक अयोध्या टाइम्स

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