जिलाधिकारी ने पूरनपुर मंडी स्थित धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया - पुलिस का शिकंजा, 43 गत्तों में मिले 5 लाख से ज्यादा प्रतिबंधित कैप्सूल - पुलिस का शिकंजा, 43 गत्तों में मिले 5 लाख से ज्यादा प्रतिबंधित कैप्सूल - खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जनपद में बड़ी कार्यवाही - अनमोल टीवी के ‘हमारी राधा’ ने पूरे किए 100 एपिसोड्सजिलाधिकारी ने पूरनपुर मंडी स्थित धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया - पुलिस का शिकंजा, 43 गत्तों में मिले 5 लाख से ज्यादा प्रतिबंधित कैप्सूल - पुलिस का शिकंजा, 43 गत्तों में मिले 5 लाख से ज्यादा प्रतिबंधित कैप्सूल - खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जनपद में बड़ी कार्यवाही - अनमोल टीवी के ‘हमारी राधा’ ने पूरे किए 100 एपिसोड्स

जंक्शन पर निजी चिकित्सकों से उपचार का वादा अभी अधूरा

निजी डॉक्टरों की कमी से प्लेटफार्म पर इमरजेंसी मेडिकल सुविधा शुरू होने में हो रही देरी

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Sunday, July 12, 2026

अयोध्या टाइम्स संवाददाता

मुरादाबाद :* जंक्शन पर यात्रियों को प्लेटफार्म पर ही इमरजेंसी मेडिकल रूम (ईएमआर) निजी चिकित्सकों के माध्यम से प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने की योजना तीन महीने बाद भी धरातल पर नहीं उतर सकी है। मुरादाबाद, बरेली, हरिद्वार रेलवे बोर्ड के निर्देश के तहत जंक्शन पर चिकित्सक के बैठने की व्यवस्था की जानी थी। लेकिन अभी तक किसी भी निजी अस्पतालों के एमबीएस चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ इस सेवा के लिए आगे नहीं आया है।

रेलवे ने ईएमआर के लिए स्टेशन पर एक कमरा उपलब्ध कराने की तैयारी की थी। योजना के अनुसार पेट दर्द, बुखार, उल्टी, दस्त, चक्कर आने जैसी सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे यात्रियों का इलाज प्लेटफार्म पर ही किया जाना था, ताकि उन्हें अस्पताल ले जाने की आवश्यकता न पड़े। रेलवे से अनुबंध के बाद ही निजी चिकित्सक अपने चिकित्सीय प्रमाण पत्र के साथ बैठ सकेंगे।

वर्तमान में यदि किसी यात्री की तबीयत बिगड़ती है तो स्टेशन से रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी जाती है। इसके बाद रेलवे अस्पताल से चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मौके पर पहुंचकर उपचार करते हैं। इस प्रक्रिया में समय लगने के कारण कई बार यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है। चिकित्सक उपलब्ध होते ही यह सुविधा प्लेटफार्म पर शुरू कर दी जाएगी।

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले