घरघोड़ा नगर पंचायत को मिले तीन नए एल्डरमैन, सांसद राधेश्याम राठिया की मौजूदगी में एसडीएम ने दिलाई पद एवं गोपनीयता की शपथ - लेडी सिंघम की 'साइबर स्ट्राइक': एडीसीपी किरण यादव ने ढहाया अंतरराष्ट्रीय ठगों का साम्राज्य! - बेटियों के सपनों को मिली नई उड़ान, शाला प्रवेश उत्सव में शामिल हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल - सलोन विधायक अशोक कुमार ने पीड़ित परिवार को प्रदान की आर्थिक सहायता - राम मंदिर चंदा चोरी प्रकरण को लेकर कांग्रेस ने निकाली सद्बुद्धि पदयात्रा, किया हवनघरघोड़ा नगर पंचायत को मिले तीन नए एल्डरमैन, सांसद राधेश्याम राठिया की मौजूदगी में एसडीएम ने दिलाई पद एवं गोपनीयता की शपथ - लेडी सिंघम की 'साइबर स्ट्राइक': एडीसीपी किरण यादव ने ढहाया अंतरराष्ट्रीय ठगों का साम्राज्य! - बेटियों के सपनों को मिली नई उड़ान, शाला प्रवेश उत्सव में शामिल हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल - सलोन विधायक अशोक कुमार ने पीड़ित परिवार को प्रदान की आर्थिक सहायता - राम मंदिर चंदा चोरी प्रकरण को लेकर कांग्रेस ने निकाली सद्बुद्धि पदयात्रा, किया हवन

लेडी सिंघम की ‘साइबर स्ट्राइक’: एडीसीपी किरण यादव ने ढहाया अंतरराष्ट्रीय ठगों का साम्राज्य!

चौथी पास 'अंगूठाछाप उस्ताद' चला रहे थे अरबों का ग्लोबल सिंडिकेट, आईपीएस किरण यादव के मास्टरस्ट्रोक से कोलकाता में ढेर

EDITED BY: DAT BUREAU

UPDATED: Wednesday, July 8, 2026

जिला संवाददाता आशीष कश्यप, लखनऊ।
दैनिक अयोध्या टाइम्स

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित बहुचर्चित समिट बिल्डिंग में चल रहे अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर सिंडिकेट के खिलाफ लखनऊ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक ‘साइबर स्ट्राइक’ को अंजाम दिया है। लखनऊ पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर के सख्त निर्देशों पर अमल करते हुए, अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) आईपीएस किरण यादव के कुशल, कड़क और जांबाज नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस हाई-टेक गिरोह की रीढ़ पूरी तरह से तोड़ दी है।

पूर्व में गिरफ्तार 119 अभियुक्तों के बाद फरार चल रहे ₹25,000 के इनामी मुख्य सरगना विनीत वशिष्ठ सहित 3 शातिर मास्टरमाइंड्स को क्राइम ब्रांच और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम ने कोलकाता से दबोच लिया है।

आईपीएस किरण यादव का सटीक चक्रव्यूह: कोलकाता में दी दबिश

एक महिला आईपीएस अधिकारी के रूप में एडीसीपी क्राइम किरण यादव ने इस बेहद पेचीदा, हाई-टेक और सात समंदर पार तक फैले नेटवर्क को क्रैक करने के लिए ऐसा अचूक जाल बिछाया कि अपराधी चाहकर भी बच नहीं सके। उनके सटीक मार्गदर्शन और रणनीति के कारण पुलिस टीम ने नियमानुसार कोलकाता में छापेमारी की।

टीम ने गिरोह के तीन मुख्य स्तंभों— मुख्य सरगना विनीत वशिष्ठ, फर्जी ऑफिस का रेंट एग्रीमेंट करने वाले नायकर जयराज और हवाला के जरिए विदेशों से रकम का सेटलमेंट करने वाली रिंकी दास गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। तीनों को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया गया है। एडीसीपी किरण यादव के इस कड़क नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि लखनऊ की धरती पर साइबर अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है।

कम पढ़े-लिखे ‘अंगूठाछाप उस्तादों’ के मायाजाल का पर्दाफाश

एडीसीपी क्राइम किरण यादव की जांच में इस पूरे सनसनीखेज खुलासे का सबसे चौंकाने वाला पहलू अपराधियों की शैक्षणिक योग्यता का सामने आना रहा। अमेरिकी नागरिकों (USA) को अपनी तकनीकी कूटनीति से अरबों का चूना लगाने वाले ये शातिर अपराधी खुद बेहद कम पढ़े-लिखे हैं—कोई चौथी पास है, कोई नौवीं तो कोई बारहवीं।

अक्षर ज्ञान कम होने के बावजूद इन ‘अंगूठाछाप उस्तादों’ ने इंटरनेट आधारित कॉलिंग प्लेटफॉर्म का ऐसा मायाजाल बुना था कि अमेरिकी नागरिक भी इनके झांसे में आ जाते थे। पकड़ी गई महिला आरोपी रिंकी दास गुप्ता इस अवैध कमाई को देश-विदेश में ‘हवाला’ नेटवर्क के जरिए ठिकाने लगाती थी।

कड़ी कानूनी कार्रवाई और साक्ष्य बरामद

पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य और नगदी बरामद की है। थाना साइबर क्राइम में इनके खिलाफ गंभीर धाराओं (मु0अ0सं0 78/2026, भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट व टेलीकॉम एक्ट 2023) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

एडीसीपी किरण यादव के नेतृत्व में अब पुलिस इन्हें रिमांड पर लेकर आगे की कड़ी कार्रवाई कर रही है। लखनऊ पुलिस की इस ताबड़तोड़ और ऐतिहासिक सफलता की सराहना पूरे पुलिस महकमे और जनता में हो रही है।

खबरें और भी

उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिले