संवाददाता लखनऊ।
उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का बाराबंकी आगमन हुआ, जहाँ उन्होंने भाजपा पिछड़ा मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष राकेश पटेल के आवास पर आयोजित एक विशेष चर्चा सत्र में भाग लिया। इस दौरान क्षेत्र के विकास, ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और पर्यावरण संतुलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर मंथन किया गया।
सप्तऋषि वाटिका: पर्यावरण और संस्कृति का अनूठा संगम
समाजसेवी एवं श्रीराम ज्ञानभूमि सप्तऋषि ट्रस्ट के सदस्य आकाश पटेल रुद्र ने मंत्री को “सप्तऋषि वाटिका” परियोजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अनूठी पहल का उद्देश्य सतरिख की प्राचीन सांस्कृतिक पहचान को पुनर्जीवित करना है।
- वाटिका की विशेषता: इस परियोजना में सप्तऋषियों के प्रतीक के रूप में सात विशेष वृक्षों का रोपण किया जाएगा।
- वृक्षारोपण अभियान: इस क्षेत्र को एक हरित केंद्र बनाने के लिए व्यापक स्तर पर एक हजार से अधिक पौधे रोपे जाएंगे, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सांस्कृतिक चेतना के केंद्र बनेंगे।
श्रीराम ज्ञानभूमि कॉरिडोर से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर
आकाश पटेल रुद्र ने बताया कि ट्रस्ट द्वारा “श्रीराम ज्ञानभूमि कॉरिडोर” की संकल्पना को साकार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसका लक्ष्य बाराबंकी के इस क्षेत्र को आध्यात्मिक, पर्यटन और पर्यावरणीय दृष्टि से एक वैश्विक पहचान दिलाना है। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने इन प्रयासों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को दी गई श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया गया। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और अन्य उपस्थित अतिथियों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर वक्ताओं ने राष्ट्र निर्माण, एकता और अखंड भारत के प्रति डॉ. मुखर्जी के बलिदान और उनके विचारों को आज की युवा पीढ़ी के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताया।
इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य अवनीश कुमार पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष रामसिंह वर्मा, ट्रस्ट के महामंत्री सौरभ शर्मा, उपाध्यक्ष निशांत द्विवेदी समेत अनेक गणमान्य नागरिक और भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।



